Aakash Waghmare
4 Feb 2026
हर साल फरवरी का महीना आते ही माहौल में एक अलग-सी मिठास घुलने लगती है। इसी महीने 7 फरवरी को रोज डे मनाया जाता है, जो वेलेंटाइन वीक की पहली कड़ी माना जाता है। इस दिन लोग अपने खास लोगों को गुलाब देकर अपनी भावनाएं जताते हैं। यह सिर्फ फूल देने का दिन नहीं, बल्कि दिल की बात कहने का एक सरल और खूबसूरत तरीका है।
रोज डे का कोई एक तय ऐतिहासिक दिन नहीं मिलता, लेकिन इसकी जड़ें पुरानी पश्चिमी परंपराओं में देखी जाती हैं। प्राचीन यूनान और रोम में गुलाब को प्रेम और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता था। वहां गुलाब को प्रेम की देवी एफ्रोडाइट और वीनस से जोड़ा जाता था।
समय के साथ, खासकर 20वीं सदी के आखिरी वर्षों में, वेलेंटाइन वीक को एक सांस्कृतिक पहचान मिलने लगी। इसी दौरान रोज डे को इस प्रेम सप्ताह की शुरुआत के रूप में अपनाया गया। भारत में यह परंपरा 1990 के बाद ज्यादा लोकप्रिय हुई, जब फिल्मों, टीवी और बाद में सोशल मीडिया ने इसे नई पहचान दी।
रोज डे को सिर्फ प्रेमी जोड़ों का दिन माना जाता था, लेकिन अब इसकी तस्वीर बदल चुकी है। आज लोग अपने दोस्तों, परिवार वालों और यहां तक कि खुद को भी गुलाब देकर इस दिन को मनाते हैं।
रोज डे पर सिर्फ गुलाब देना ही मायने नहीं रखता, बल्कि उसके रंग का भी अपना संदेश होता है।
इस तरह गुलाब के रंग बिना शब्दों के ही दिल की बात कह देते हैं।
तेज रफ्तार और डिजिटल दुनिया में रिश्तों के लिए वक्त निकालना आसान नहीं होता। ऐसे में रोज डे एक छोटा-सा मौका देता है, जब कोई व्यक्ति सिर्फ एक गुलाब देकर अपने जज्बात जाहिर कर सकता है। इसमें महंगे गिफ्ट या बड़े सरप्राइज की जरूरत नहीं होती, एक सादा-सा फूल भी रिश्तों में गर्माहट ला सकता है।
रोज डे से ही वेलेंटाइन वीक की शुरुआत होती है, जो 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे पर खत्म होता है।