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Peoples Update Special :फिर लौटा ट्रेंड...देवी-देवताओं के नाम पर बच्चों का नाम रख रहे माता-पिता

अभिभावकों में अपने बच्चों के नामकरण को लेकर खासा उत्साह रहता है। वे सबसे अलग और नया नाम तलाशते हैं। इन दिनों बच्चों के नाम, भगवान के अनसुने नाम रखने का ट्रेंड चल पड़ा है। कई माता-पिता ज्योतिषाचार्यों के पास भगवान के नामों के पर्यायवाची तलाशने के लिए पहुंच रहे हैं।
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फिर लौटा ट्रेंड...देवी-देवताओं के नाम पर बच्चों का नाम रख रहे माता-पिता
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मनोज चौरसिया, भोपाल। अब नाम रखने का चलन बदल गया है। लोग अपने बच्चों का नाम भगवान, देवी-देवताओं और पवित्र नदियों के नाम पर रख रहे हैं, लेकिन यहां ज्यादातर लोग पर्यायवाची नाम पसंद कर रहे हैं, मिसाल के तौर पर देखें तो कोलार निवासी संजीव ने अपने बेटे का नाम जहां भगवान श्रीकृष्ण के नाम पर बेटे का नाम कृष्णा, तो विशाल गुप्ता ने अपने बेटे का भगवान शिव के नाम पर शिवाय रखा है। 

    सनातन परंपरा के अनुसार नाम

    बच्चों के नामकरण के लिए इन दिनों माता-पिता सनातन परपंरा के अनुसार नाम तलाश रहे हैं। इसके लिए ज्योतिषाचार्यों के चक्कर काट रहे हैं। पंडितों के अनुसार एक बार फिर पुराना ट्रेंड शुरू हो गया है। लोगों के बीच राम, सीता, कृष्ण, राधा, लक्ष्मी, शिव, शंकर, संतोष, महेश, गणेश, विष्णु जैसे नामों के प्रति आकर्षण बढ़ा है, लेकिन उनके पयार्वाची नाम भी तलाशे जा रहे हैं।

    पहले आधुनिकता से प्रेरित होकर नाम रखते थे

    ज्योतिषाचार्यों और पंडितों के अनुसार बीत दो-तीन बर्षों में बच्चों के नामकरण को लेकर परिजनों की प्राथमिकताएं बदली हैं। कुछ साल पहले तक आधुनिकता से प्रेरित होकर नाम रखते थे। अब माता-पिता चाहते हैं नाम के साथ  उनसे जुड़े गुण और संस्कार भी बच्चे के जीवन में उतरें। यहीं कारण है कि वर्तमान समय में अष्टलक्ष्मी जैसे नाम खासे लोकप्रिय हो रहे हैं।

    जो चलन में हैं प्रमुख पर्यायवाची नाम

    • भगवान श्री कृष्ण : कृषित, मावांश, गोविदित, माधव
    • भगवान शिव :  शिवांश, शिवाय, ईशान्वी, अकाय, रुद्र , कपर्दी
    • राम-सीता :  रामित, राघवांश, सीताइशा
    • अन्य देवी-देवता : उर्वी, आर्या, आराध्या, देविका, श्रीजी, श्रिया, ईशिता

    ज्योतिषीय परामर्श का प्रचलन बढ़ा

    नए तकनीकी युग के बावजूद समाज में नवजात शिशुओं के नामकरण के लिए सनातनी परंपरा और ज्योतिषीय परामर्श का प्रचलन फिर से बढ़ रहा है। माता-पिता बच्चों के लिए ऐसे नाम तलाश रहे हैं जो सुनने में सुंदर हों, बल्कि ज्योतिषीय रूप से शुभ और आध्यात्मिक रूप से अर्थपूर्ण भी हों। देवी-देवताओं के नामों को प्राथमिकता दी जा रही है।

    पंडित जगदीश शर्मा, ज्योतिषाचार्य

    देवी लक्ष्मी के नाम पर बेटी का नाम

    बेटी के जन्म के बाद नाम तलाश रहे थे, तो कई नाम सामने आए। देवी लक्ष्मी के नाम पर बिटिया का नाम श्रिया रखा है, इससे देवी के नाम का भी उच्चारण हो जाता है।            

    शैलेष मिश्रा, रहवासी नीलबड़

    कुंडली देखकर रखा नाम

    बेटी की कुंडली में पृथ्वी के नाम पर आया, इसलिए उसका उर्वी (पृथ्वी) रखा है। घर का नाम श्रीजी रखा ताकि राधेरानी का भी जाप रहता है। 

    रोहित लखेरा, हर्षवर्घन नगर

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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