पानी ही नहीं सब्जियां भी जहरीली...इंडस्ट्रियल वेस्ट- सीवेज के पानी से फल-फूल रहीं धनिया, मेथी व पालक

अगर आप सोच रहे हैं बाजार की ताजी सब्जियां खाकर आपकी सेहत अच्छी रहेगी तो यह भ्रम नहीं पालें, क्योंकि शहरों के आसपास सब्जियों की खेती नालों के पानी से हो रही है। राजधानी भोपाल के 12 से ज्यादा इलाकों में खुलेआम सीवेज फार्मिंग हो रही है।
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इंडस्ट्रियल वेस्ट- सीवेज के पानी से फल-फूल रहीं धनिया, मेथी व पालक
जगदीशपुर इलाके में पातरा नाले के गंदे पानी से होती  है फसलों की सिंचाई।
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    प्रवीण श्रीवास्तव, भोपाल। राजधानी भोपाल में कई इलाकों में नलों से गंदा पानी आने की बात तो आपने सुनी होगी पर आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि जो सब्जियां आपके घरों तक पहुंच रही हैं, उनको पूरा पोषण गंदे पानी से मिलता है। पीपुल्स समाचार की पड़ताल में सामने आया कि राजधानी से सटे ग्रामीण इलाकों में नाले और सीवेज के गंदे पानी से  सब्जियों की खेती की जा रही है। इसमें ई-कोलाई, साल्मोनेला जैसे  बैक्टीरिया आपको बहुत ज्यादा बीमार कर सकते हैं। 

    जगदीशपुर इलाके में पातरा नाला

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    इस नाले में गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल वेस्ट छोड़ा जाता है, जिससे पूरे पानी में सफेद रंग का झाग बन जाता है। इस नाले के किनारे सैकड़ों खेतों में इसी जहरीले पानी से सिंचाई की जाती है।   कई तरह की सब्जियां उगाई जा रही हैं। किसान जरूरत के समय मोटर  डालकर नाले का पानी खींच लेते हैं, बाद में पाइप को पेड़ों में छुपा देते हैं।

    एम्स के पीछे लहारपुर नाला 

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    इस नाले में एम्स, कटारा, साकेत नगर सहित 50 से ज्यादा छोटी बड़ी कॉलोनियों का सीवेज मिलता है। इसी के आसपास बने खेतों में किसान इसी  पानी से सिंचाई करते हैं। एक किसान कालूराम से पूछा कि पानी कहां से लाते हो तो उसने कहा कि नाले से ही लेंगे। उसने कहा कि इस पानी से फसल बहुत अच्छी होती है। 

    करीब चार हजार हेक्टेयर में हो रही खेती

    भोपाल के बावड़िया कलां, खजूरी कलां, बरखेड़ा पठानी, बिलखिरिया के अलावा शाहपुरा और रायसेन रोड जैसे ग्रामीण इलाकों में  करीब 4 हजार हेक्टेयर में गंदे पानी से सब्जियों की सिंचाई हो रही है। 

    ग्वालियर : नाले से खेत तक डाले पाइप

    ग्वालियर शहर के आसपास पालक , मैथी  गोभी  सहित अन्य सब्जियां उगाने के लिए जिस पानी का उपयोग किया जा रहा है वह नाले के गंदा पानी है। खेड़ा पति रेलवे क्रॉसिंग के पास यह  नजारा देखा जा सकता है।  यही नहीं नाले से खेत तक पानी पहुंचाने के लिए पाइप भी डाल दिए गए हैं।  शहर आसपास  गंदे पानी से सब्जियों की खेती धड़ल्ले से की जा रही है ।

    इंदौर : भानगढ़ क्षेत्र में धड़ल्ले से सिंचाई

    इंदौर के भानगढ़ क्षेत्र में नाले के गंदे पानी से पालक, धनिया, लौकी, भिंडी, गोभी, टमाटर सहित कई सब्जियां उगाई जा रही हैं।  पीपुल्स समाचार की पड़ताल में सामने आया है कि एमआर 10 के आगे, भानगढ, कबीटखेड़ी जैसे गांवों में किसान नाले किनारे सब्जी उगा रहे हैं। ये सब्जियां छोटी मंडी में पहुंचती हैं। 

    सब्जियों मे हैवी मेटल्स और ई कोलाई

    जीएमसी के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. अनिल शेजवार व पर्यावरणविद डॉ. सुभाष सी. पांडे  के अनुसार पहले भी पीसीबी की रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हो चुकी है। हाईकोर्ट भी सरकार को निर्देश दे चुका है कि नालों के पानी के उपयोग पर  रोक लगाई जाए पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।

    यह सब्जी नहीं, शरीर के लिए स्लो पॉइजन

    नाले के दूषित पानी से उगी सब्जियां खाने से पेट के गंभीर संक्रमण, फूड प्वाइजनिंग, टाइफाइड-डायरिया, आंतों की बीमारी एवं  कैंसर तक का खतरा हो सकता है। यानी यह सिर्फ सब्जी नहीं, धीरे-धीरे शरीर में जहर घोलने जैसा है। न्यूरोसिस्टिसरकोसिस, लिवर में जाएं तो लिवर एब्सेस और पीलिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

    डॉ. प्रणव रघुवंशी, वरिष्ठ गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट

    शहर और आसपास जहां कहीं भी गंदे पानी से सब्जियों की सिंचाई की जा रही है, वहां पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए एक प्लान बनाया जाएगा। अधिकारियों को मौके पर भेजा जाएगा। 

    कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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