व्हाइट हाउस में ट्रंप का 'हाई IQ डिनर': गूगल, एपल, माइक्रोसॉफ्ट, मेटा समेत दिग्गज टेक लीडर्स शामिल; एलन मस्क को न्योता नहीं

वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने गुरुवार रात व्हाइट हाउस में टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के दिग्गजों के लिए हाई-प्रोफाइल डिनर का आयोजन किया। इस डिनर को ट्रंप ने "हाई IQ ग्रुप" का जमावड़ा बताया। इसमें गूगल, एपल, माइक्रोसॉफ्ट, मेटा, ओपन AI, ओरैकल, ब्लू ओरिजिन और कई कंपनियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। खास बात यह रही कि दुनिया के सबसे अमीर शख्स और टेस्ला CEO एलन मस्क (Elon Musk) को इस डिनर में न्योता नहीं दिया गया।
हाई-प्रोफाइल डिनर: राजनीति और टेक्नोलॉजी का संगम
यह डिनर व्हाइट हाउस के स्टेट डाइनिंग रूम में आयोजित किया गया। शुरुआत में इसका आयोजन रोज गार्डन में होना था, लेकिन खराब मौसम की वजह से लोकेशन बदल दी गई। राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप ने मेहमानों का स्वागत किया।
इस दौरान निवेश, रोजगार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अमेरिकी अर्थव्यवस्था के भविष्य पर गहन चर्चा हुई।
ट्रंप ने पूछा – आप अमेरिका में कितना निवेश करेंगे?
डिनर के दौरान ट्रंप ने सीधे-सीधे सवाल उठाया कि बड़ी टेक कंपनियां अमेरिका में कितना निवेश करने वाली हैं।
मार्क जुकरबर्ग (Meta CEO): अमेरिका में 600 बिलियन डॉलर का निवेश करेंगे।
टिम कुक (Apple CEO): एपल भी 600 बिलियन डॉलर लगाएगी।
सुंदर पिचाई (Google CEO): अगले दो साल में 250 बिलियन डॉलर का निवेश करेंगे।
सत्या नडेला (Microsoft CEO): हर साल लगभग 75–80 बिलियन डॉलर का निवेश करेंगे।
इन घोषणाओं पर ट्रंप ने खुशी जताते हुए कहा कि इतने बड़े निवेश से अमेरिका में लाखों नौकरियां पैदा होंगी और देश का गौरव बढ़ेगा।

एलन मस्क को क्यों नहीं बुलाया गया?
इस बैठक की सबसे बड़ी गैरहाजिरी टेस्ला और एक्स (Twitter) के मालिक एलन मस्क की रही। कभी ट्रंप के खास सलाहकार रहे मस्क और राष्ट्रपति के बीच अब रिश्ते खराब हो चुके हैं। जानकारों का कहना है कि ट्रंप और मस्क के बीच स्पेस इंडस्ट्री और राजनीतिक रणनीति को लेकर मतभेद गहराए, जिसके चलते उन्हें गेस्ट लिस्ट से बाहर रखा गया।
वहीं, उनकी जगह मस्क के प्रतिद्वंदी और ओपन AI के CEO सैम ऑल्टमैन को बुलाया गया, जिन्हें ट्रंप ने विशेष महत्व दिया।
भारतीय मूल के नेताओं की मजबूत मौजूदगी
इस डिनर में कई भारतीय मूल के टेक लीडर्स भी मौजूद रहे।
सुंदर पिचाई – गूगल CEO
सत्या नडेला – माइक्रोसॉफ्ट CEO
संजय मेहरोत्रा – माइक्रोन CEO
विवेक रानाडिवे – टिबको चेयरमैन
श्याम शंकर – पलान्टिर CTO
इन सभी ने अमेरिका में निवेश और AI रिसर्च को लेकर अपनी-अपनी योजनाएं साझा कीं।
मेलानिया ट्रंप की अध्यक्षता और AI पर फोकस
इस डिनर का आयोजन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शिक्षा पर बनी नई टास्क फोर्स की बैठक के बाद हुआ। मेलानिया ट्रंप ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और कहा कि AI अभी शुरुआती चरण में है, इसलिए इसे जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि, बच्चों को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार करना ही इस टास्क फोर्स का मुख्य लक्ष्य है।
रोज गार्डन का बदलता स्वरूप
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप चाहते थे कि रोज गार्डन का उद्घाटन किसी खास दिन हो। इसके लिए वहां बड़े बदलाव किए गए। घास हटाकर संगमरमर और पत्थर लगाए गए, जिससे यह जगह फ्लोरिडा के मार-ए-लागो रिसॉर्ट जैसी दिखने लगी है।
ट्रंप-टेक रिश्तों में नया अध्याय
पहले ट्रंप और सिलिकॉन वैली की कंपनियों के बीच कंटेंट मॉडरेशन, सेंसरशिप और एंटीट्रस्ट जांच जैसे मुद्दों पर टकराव रहा था। लेकिन अब, उनके दोबारा सत्ता में लौटने के बाद माहौल बदल रहा है। बड़ी कंपनियां प्रशासन के साथ तालमेल बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं ताकि नीतियों और निवेश दोनों को अपने पक्ष में कर सकें।
ये भी पढ़ें: मशहूर फैशन डिजाइनर जियोर्जियो अरमानी का निधन, 91 साल की उम्र में ली अंतिम सांस; लंबे समय से चल रहे थे बीमार



















