पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले हफ्ते तक चली झड़पों के बाद, 19 अक्टूबर को कतर की मध्यस्थता से अस्थाई शांति बनी थी। लेकिन अब एक बार फिर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। इस्तांबुल में दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता शुरू हो चुकी है।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर इस्तांबुल में चल रही शांति वार्ता असफल रही, तो अफगानिस्तान के साथ खुला युद्ध होगा। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान शांति चाहता है, लेकिन अगर वार्ता में सहमति नहीं बनती, तो टकराव तय है।
दोनों देशों के बीच विवाद की कई वजहें हैं-
अगस्त 2021 में तालिबान के काबुल पर कब्जे के बाद से पाकिस्तान में आतंकी हमलों में तेजी आई है। पाकिस्तान का कहना है कि अफगानिस्तान इन हमलों को रोकने में नाकाम साबित हो रहा है।
तुर्की और कतर इन दोनों देशों के बीच शांति बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों ने वार्ता के पहले दौर में भी अहम भूमिका निभाई थी, जिससे अस्थाई रूप से हालात सामान्य हुए थे।