ऑफिस से 10 मिनट पहले निकली Gen Z कर्मचारी,CEO का आया तुरंत मैसेज, वायरल पोस्ट ने खोली कॉर्पोरेट कल्चर की पोल

आज के समय में कॉर्पोरेट ऑफिस का माहौल बहुत सुर्खियों में रहता है, और एक बार फिर यह चर्चा में है। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक Gen Z कर्मचारी की पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। इस पोस्ट में कर्मचारी ने अपने ऑफिस के टॉक्सिक माहौल को बताया हैं, जिन्हें पढ़कर कई लोग कॉर्पोरेट कल्चर पर सवाल उठा रहे हैं।
सिर्फ 10 मिनट पहले निकली और CEO का आ गया मैसेज
कर्मचारी ने बताया कि वह एक दिन तय समय से सिर्फ 10 मिनट पहले ऑफिस से निकल गई थी। इसके कुछ ही समय बाद कंपनी के CEO का उसे मैसेज आ गया। कर्मचारी का कहना है कि इतनी छोटी-सी बात पर सीधे CEO का ध्यान जाना उसे हैरान कर गया।
सीनियर के लिए अलग नियम
पोस्ट में कर्मचारी ने दावा किया कि कंपनी में सीनियर और मैनेजर लंबे समय तक ब्रेक लेते हैं, लेकिन उन्हें कोई कुछ नहीं कहता। वहीं नए कर्मचारियों को लंच या चाय का ब्रेक भी मुश्किल से मिल पाता है। उनका कहना है कि ऑफिस में सभी के लिए एक जैसे नियम नहीं हैं।
ऑफिस का खर्च खुद उठाया, पैसे लौटाने में लगे 17 दिन
कर्मचारी ने यह भी आरोप लगाया कि ऑफिस के कुछ खर्च पहले उससे खुद करवाए गए। बार-बार याद दिलाने के बावजूद कंपनी ने करीब 17 दिनों बाद पैसे वापस किए। इससे उसे आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानी हुई। वहीं पोस्ट के अनुसार, सुपरवाइजर ने उस पर बिना सैलेरी वाले सोशल मीडिया इंटर्न को रखने का दबाव बनाया। जब उसने इससे इनकार किया, तो उसे वीडियो प्रोडक्शन और सोशल मीडिया का पूरा काम अकेले संभालने की बात कही गई। कर्मचारी का कहना है कि इस तरह के दबाव ने नौकरी का माहौल काफी तनावपूर्ण बना दिया।
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सोशल मीडिया पर लोगों ने दिए अलग-अलग रिएक्शन
पोस्ट वायरल होने के बाद कई लोगों ने अपने अनुभव भी साझा किए। कुछ यूजर्स ने कहा कि ऐसी कंपनियों में लंबे समय तक काम करना सही नहीं है और बेहतर अवसर मिलने पर नौकरी बदल लेनी चाहिए। वहीं कुछ लोगों का कहना था कि किसी कर्मचारी के काम की बजाय उसके आने-जाने के समय पर ज्यादा नजर रखना अच्छे कार्यस्थल की निशानी नहीं है।
कॉर्पोरेट कल्चर पर फिर शुरू हुई बहस
इस वायरल पोस्ट के बाद एक बार फिर कॉर्पोरेट वर्क कल्चर, कर्मचारियों के साथ व्यवहार और ऑफिस में समान नियम लागू करने जैसे मुद्दों पर बहस तेज हो गई है। हालांकि, यह कर्मचारी का व्यक्तिगत दावा है और कंपनी की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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