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करोड़पति ऐसे संभालते हैं अपना पैसा, आप भी जानिए ये 7 मनी रूल्स

करोड़पति अपना पैसा कैसे मैनेज करते हैं? जानें उनकी 7 मनी रूल्स, SIP, लॉन्ग टर्म निवेश, कंपाउंडिंग, इमरजेंसी फंड और कई इनकम सोर्स से जुड़ी खास रणनीतियां।
करोड़पति ऐसे संभालते हैं अपना पैसा, आप भी जानिए ये 7 मनी रूल्स

क्या करोड़पति बनने के लिए सिर्फ ज्यादा कमाना जरूरी है? एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ऐसा नहीं है। ज्यादा इनकम के साथ पैसे को सही तरीके से मैनेज करना भी उतना ही जरूरी है। करोड़पति और आम निवेशक के बीच बड़ा अंतर सिर्फ कमाई का नहीं, बल्कि पैसे को लेकर सोच और उसे इस्तेमाल करने के तरीके का भी होता है। संपन्न लोग अपनी कमाई का एक हिस्सा पहले ही बचत और निवेश के लिए अलग कर देते हैं। इसके बाद बाकी रकम को खर्च करने की योजना बनाते हैं। नियमित निवेश, लंबे समय तक पैसा लगाए रखना, अलग-अलग इनकम सोर्स तैयार करना और अनावश्यक कर्ज से बचना उनकी फाइनेंशियल आदतों का हिस्सा होता है। इसी वजह से लंबे समय में उनकी संपत्ति बढ़ती रहती है। अगर आप भी अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करना चाहते हैं तो करोड़पतियों की कुछ ऐसी आदतें अपनाई जा सकती हैं, जो आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग को बेहतर बना सकती हैं।

करोड़पति सिर्फ कमाई नहीं, पैसे के मैनेजमेंट पर भी देते हैं ध्यान

एक फाइनेंशियल एडवाइजर के मुताबिक, करोड़पति पैसे कमाने के साथ उसे बेहतर तरीके से मैनेज भी करते हैं। उनके अनुसार, ज्यादा पैसा कमाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कमाई का कितना हिस्सा बचाना है, कितना निवेश करना है और कितना खर्च करना है, इसकी योजना बनाना भी जरूरी है। यही सोच लंबे समय में किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद करती है।

अमीर और आम निवेशक की सोच में क्या अंतर?

करोड़पति पैसे को केवल खर्च करने की चीज नहीं, बल्कि एसेट बनाने के साधन के तौर पर देखते हैं। वे अपनी कमाई में से एक निश्चित रकम पहले निवेश करते हैं और उसके बाद खर्च की योजना बनाते हैं। इसके उलट आम निवेशक अक्सर पहले खर्च करता है और महीने के अंत में जो पैसा बचता है, उसे निवेश करने के बारे में सोचता है। यही आदत लंबे समय में दोनों की संपत्ति में बड़ा अंतर पैदा कर सकती है।

करोड़पति बनने और करोड़पति बने रहने में फर्क

करोड़पति बनना और उस संपत्ति को लंबे समय तक बनाए रखना दो अलग बातें हैं। करोड़पति बनने के लिए बचत और सही निवेश जरूरी है। निवेश शुरू करने से पहले अपना वित्तीय लक्ष्य तय करना भी जरूरी है। वहीं, संपत्ति बनाए रखने के लिए फिजूलखर्ची से बचना, निवेश को अलग-अलग एसेट्स में बांटना और अपनी बेसिक फाइनेंशियल जरूरतों से समझौता नहीं करना जरूरी है।

इनकम ज्यादा होना ही अमीर बनने की गारंटी नहीं

सिर्फ ज्यादा कमाई से कोई व्यक्ति अमीर नहीं बन जाता। अगर कमाई बढ़ने के साथ खर्च भी उसी अनुपात में बढ़ता जाए तो संपत्ति बनाना मुश्किल हो सकता है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि इनकम का कितना हिस्सा बचत और निवेश में जाना चाहिए और कितना खर्च किया जा सकता है। लंबे समय तक इसी संतुलन को बनाए रखना वेल्थ क्रिएशन में अहम भूमिका निभाता है।

करोड़पति कितनी रकम बचाते और निवेश करते हैं?

करोड़पति अपनी इनकम का कितना हिस्सा बचाते हैं, इसका कोई एक तय प्रतिशत नहीं है। यह उनकी आय, खर्च और जोखिम लेने की क्षमता पर निर्भर करता है। फिर भी सेल्फ-मेड करोड़पतियों में एक सामान्य पैटर्न देखा जाता है। वे अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा बचाने और निवेश करने की कोशिश करते हैं। कई करोड़पति अपनी इनकम का 20-30% या उससे ज्यादा बचाते हैं। कुछ लोग 40-50% तक निवेश करते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति के लिए यह प्रतिशत अलग हो सकता है। इसलिए अपनी आय और जरूरत के हिसाब से निवेश की योजना बनाना ज्यादा जरूरी है।

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क्या करोड़पति भी बजट बनाते हैं?

हां। बजट बनाना केवल कम आय वाले लोगों के लिए जरूरी नहीं है। बड़े स्तर पर पैसा कमाने वाले लोगों के लिए भी यह बेहद जरूरी है। बजट से यह पता चलता है कि पैसा कहां खर्च हो रहा है और किन खर्चों को कम किया जा सकता है। छोटी वित्तीय गलतियां लंबे समय में बड़ा नुकसान कर सकती हैं। इसलिए खर्चों को ट्रैक करना और नियमित रूप से अपनी फाइनेंशियल स्थिति की समीक्षा करना जरूरी है।

करोड़पति अपना पैसा कहां निवेश करते हैं?

करोड़पति आमतौर पर अपना पूरा पैसा किसी एक जगह निवेश नहीं करते। वे अलग-अलग एसेट्स में पैसा बांटकर जोखिम को नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं। उनके निवेश में पर्सनल शेयर, इंडेक्स फंड, म्यूचुअल फंड, रियल एस्टेट, अपना बिजनेस और बॉन्ड जैसे विकल्प शामिल हो सकते हैं। उनका उद्देश्य केवल ज्यादा रिटर्न हासिल करना नहीं होता, बल्कि पूंजी को सुरक्षित रखते हुए लंबे समय में उसे बढ़ाना भी होता है।

निवेश से पहले रिस्क का आकलन

सफल निवेशक सिर्फ यह नहीं देखते कि किसी निवेश से कितना रिटर्न मिल सकता है। वे यह भी समझते हैं कि उसमें कितना जोखिम है, पैसा कितने समय के लिए लॉक रहेगा और वह निवेश उनकी पूरी फाइनेंशियल स्ट्रेटेजी में कैसे फिट होगा। रिस्क मैनेजमेंट के लिए वे सारे पैसे एक जगह लगाने से बचते हैं। अपनी क्षमता के हिसाब से जोखिम लेते हैं, पर्याप्त लिक्विडिटी रखते हैं और इमरजेंसी फंड तैयार रखते हैं। इसके अलावा कर्ज को नियंत्रित रखना और पर्याप्त इंश्योरेंस कवर रखना भी जरूरी माना जाता है।

क्या करोड़पति भी SIP करते हैं?

हां, कई करोड़पति SIP करते हैं। हालांकि, उनके लिए SIP सिर्फ एक निवेश प्रोडक्ट नहीं बल्कि नियमित और अनुशासित निवेश का तरीका भी है। SIP के जरिए एक निश्चित रकम नियमित अंतराल पर निवेश की जाती है। लंबे समय तक लगातार निवेश करने से बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेश की आदत बनी रहती है।

कंपाउंडिंग का फायदा कैसे उठाते हैं?

कंपाउंडिंग को आसान भाषा में 'पैसे से पैसा कमाने की ताकत' कहा जा सकता है। लंबे समय में निवेश पर मिलने वाला रिटर्न भी दोबारा निवेश होता रहता है, जिससे समय के साथ रकम बढ़ सकती है। करोड़पति और अनुभवी निवेशक कंपाउंडिंग का फायदा लेने के लिए जल्दी शुरुआत करने, नियमित निवेश करने और मुनाफे को दोबारा निवेश करने पर जोर देते हैं। वे लंबे समय तक निवेश जारी रखते हैं, अनावश्यक ट्रेडिंग से बचते हैं और आय बढ़ने पर निवेश की रकम भी बढ़ाने की कोशिश करते हैं।

जल्दी निवेश शुरू करना क्यों जरूरी?

कंपाउंडिंग के लिए समय सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक है। जितने लंबे समय तक पैसा निवेश में बना रहता है, उतना ज्यादा समय उसे रिटर्न पर रिटर्न कमाने का मौका मिलता है। इसीलिए निवेश शुरू करने के लिए बहुत बड़ी रकम का इंतजार करने के बजाय छोटी रकम से नियमित शुरुआत करना ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है।

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करोड़पति लॉन्ग टर्म निवेश पर क्यों देते हैं जोर?

बड़ी संपत्ति आमतौर पर एक-दो साल में नहीं बनती। इसके पीछे लंबे समय तक बचत, निवेश और कंपाउंडिंग का योगदान होता है। इसी वजह से करोड़पति अक्सर लॉन्ग टर्म निवेश पर जोर देते हैं। उनका फोकस जल्दी पैसा बनाने के बजाय लगातार और अनुशासित तरीके से वेल्थ बढ़ाने पर रहता है।

एक नहीं, कई इनकम सोर्स बनाने की कोशिश

करोड़पति केवल एक सैलरी या एक इनकम सोर्स पर निर्भर रहने से बचते हैं। कई इनकम सोर्स होने से किसी एक स्रोत से होने वाली आय में कमी का असर कम किया जा सकता है। कुछ करोड़पति 1-2 बड़े इनकम सोर्स से अमीर बनते हैं, जबकि कुछ लोगों के पास 3-5 या उससे ज्यादा इनकम सोर्स हो सकते हैं।

इमरजेंसी फंड और इंश्योरेंस को देते हैं महत्व

करोड़पति आमतौर पर 6-12 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड रखने पर जोर देते हैं। कुछ लोग 12-24 महीने तक का फंड भी रखते हैं। इसे ऐसी जगह रखा जाता है जहां जरूरत पड़ने पर पैसा आसानी से निकाला जा सके और पूंजी पर ज्यादा जोखिम न हो। इसके साथ हेल्थ इंश्योरेंस और टर्म इंश्योरेंस को भी फाइनेंशियल सुरक्षा का जरूरी हिस्सा माना जाता है। हेल्थ इंश्योरेंस बड़े मेडिकल खर्चों से सुरक्षा देता है, जबकि टर्म इंश्योरेंस परिवार को कमाने वाले व्यक्ति की आय के नुकसान से सुरक्षा देने में मदद करता है।

फटाफट पैसा दोगुना करने वाली स्कीम से सावधान

ज्यादातर करोड़पति और अनुभवी निवेशक जल्दी पैसा दोगुना या तिगुना करने के दावों को लेकर सतर्क रहते हैं। वे समझते हैं कि ज्यादा रिटर्न के साथ आमतौर पर ज्यादा जोखिम भी जुड़ा होता है। इसलिए वे जल्दबाजी में निवेश करने के बजाय रिसर्च और योजना पर भरोसा करते हैं। उनका फोकस किसी एक बड़े दांव के बजाय लगातार और अनुशासित निवेश पर होता है।

सीमित आय में भी अपनाएं ये आदतें

अगर आपकी आय अभी सीमित है, तब भी अच्छी फाइनेंशियल आदतें विकसित की जा सकती हैं। छोटी रकम से नियमित निवेश शुरू करें, बजट बनाएं और खर्चों पर नजर रखें। पहले बचत और निवेश करने के बाद बाकी रकम खर्च करने की आदत विकसित करें। अनावश्यक कर्ज से बचें और समय के साथ अपनी आय बढ़ाने के अवसर तलाशते रहें। निवेश शुरू करने से पहले इमरजेंसी फंड और जरूरी इंश्योरेंस का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है।

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आज से शुरुआत करनी हो तो क्या करें?

अगर आज से अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग शुरू करनी है तो सबसे पहले अपनी मासिक आय और खर्च का हिसाब बनाएं। इसके बाद 3-6 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड तैयार करने की शुरुआत करें। हेल्थ और टर्म इंश्योरेंस की जरूरत समझें। अपनी क्षमता के अनुसार नियमित SIP या अन्य निवेश शुरू करें। हर साल निवेश की रकम बढ़ाने का लक्ष्य रखें और निवेश को लंबे समय तक जारी रखने की कोशिश करें। सबसे जरूरी बात यह है कि करोड़पति बनने का कोई रशॉर्टकट नहीं है। लगाता बचत, अनुशासित निवेश, रिस्क मैनेजमेंट और समय-ये चारों मिलकर लंबे समय में मजबूत फाइनेंशियल फाउंडेशन तैयार कर सकते हैं।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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