दुनिया का सबसे बड़ा इंजन! 2300 टन वजन, रोज 250 टन ईंधन की खपत; ताकत जानकर रह जाएंगे हैरान

आमतौर पर जब हम बड़े इंजन की बात करते हैं तो कार, ट्रक या किसी बड़े विमान के इंजन का ख्याल आता है। लेकिन समुद्र में दौड़ने वाले विशाल मालवाहक जहाजों को आगे बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक इंजन इन सभी से कई गुना ज्यादा विशाल है। इसकी लंबाई करीब 26 मीटर और ऊंचाई लगभग 13 मीटर है जबकि इसका वजन करीब 2300 टन बताया जाता है। यह कोई काल्पनिक मशीन नहीं बल्कि समुद्री परिवहन के इतिहास में तैयार किए गए सबसे विशाल कंबशन इंजनों में से एक है। इसका नाम है Wartsila-Sulzer RTA96-C जिसे फिनलैंड की इंजन निर्माता कंपनी Wartsila ने विकसित किया था।
14 सिलिंडर और 1 लाख से ज्यादा हॉर्सपावर की ताकत
Wartsila-Sulzer RTA96-C एक 14-सिलिंडर, दो-स्ट्रोक, टर्बोचार्ज्ड डीजल इंजन है। इसका इस्तेमाल बड़े कंटेनर जहाजों को ताकत देने के लिए किया गया। इस इंजन की सबसे खास बात इसकी ताकत है। यह महज 102 RPM की गति पर करीब 1,08,920 BHP, यानी लगभग 80,080 किलोवाट की पावर पैदा कर सकता है। इतने कम RPM पर इतनी बड़ी ताकत पैदा करना ही इसे सामान्य वाहनों के इंजनों से पूरी तरह अलग बनाता है।
अकेला क्रैंकशाफ्ट ही 300 टन का
इस इंजन के आकार का अंदाजा इसके अलग-अलग हिस्सों के वजन से लगाया जा सकता है। इसका क्रैंकशाफ्ट करीब 300 टन वजन का है। वहीं इसके 14 पिस्टनों में से प्रत्येक का वजन करीब 5 टन बताया जाता है। यानी एक पिस्टन ही एक सामान्य कार के मुकाबले कई गुना भारी है। इतने बड़े इंजन में पैदा होने वाले दबाव और टॉर्क को संभालना इंजीनियरों के लिए बड़ी चुनौती थी। इसके लिए इंजन के ढांचे और क्रैंकशाफ्ट को बेहद मजबूत बनाया गया।
रोजाना 250 टन तक ईंधन की खपत
इतनी बड़ी ताकत पैदा करने के लिए इस इंजन को ईंधन भी भारी मात्रा में चाहिए। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यह इंजन रोजाना करीब 250 टन ईंधन की खपत कर सकता है।
बड़े कंटेनर जहाजों के लिए क्यों बनाया गया?
इस तरह के विशाल इंजन की जरूरत समुद्री कारोबार में कंटेनर जहाजों के लगातार बड़े होते आकार के कारण महसूस हुई। बड़े जहाजों का वजन और उनकी क्षमता बढ़ने के साथ उन्हें समुद्र में आगे बढ़ाने के लिए ज्यादा पावर की जरूरत थी। Wartsila ने अपने मौजूदा RTA96C इंजन के डिजाइन को आगे बढ़ाते हुए 12-सिलिंडर मॉडल में दो अतिरिक्त सिलिंडर जोड़कर 14-सिलिंडर वर्जन तैयार किया। हालांकि यह बदलाव केवल दो सिलिंडर जोड़ने तक सीमित नहीं था। ज्यादा सिलिंडर का मतलब था ज्यादा टॉर्क, ज्यादा दबाव और इंजन के पूरे ढांचे पर ज्यादा भार।
इंजीनियर्स के सामने थी बड़ी चुनौती
14-सिलिंडर इंजन तैयार करते समय सबसे बड़ी चुनौती इसकी मजबूती और विश्वसनीयता बनाए रखना थी। इंजन को लगातार भारी दबाव और वाइब्रेशन के बीच काम करना था। इसके लिए क्रैंकशाफ्ट के मटीरियल और डिजाइन को मजबूत किया गया। पूरे इंजन स्ट्रक्चर को भी इस तरह तैयार किया गया कि वह भारी टॉर्क और लगातार संचालन के दौरान सुरक्षित तरीके से काम कर सके। आखिरकार 2006 में पहला 14-सिलिंडर Wärtsilä-Sulzer RTA96-C इंजन तैयार हुआ। इसी साल इसे उस समय के सबसे बड़े कंटेनर जहाजों में शामिल Emma Maersk में लगाया गया और व्यावसायिक सेवा में उतारा गया।
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कीमत भी हैरान करने वाली
इतने विशाल आकार और अत्याधुनिक इंजीनियरिंग वाले इस इंजन की कीमत भी सामान्य इंजन जैसी नहीं है। एक RTA96-C इंजन की कीमत करीब 200 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जाती है। इसकी खासियत सिर्फ इसका वजन या आकार नहीं है। इतने बड़े समुद्री जहाज को लंबे समय तक लगातार आगे बढ़ाने के लिए जरूरी ताकत, कम RPM पर भारी टॉर्क और विशाल आकार का संयोजन इसे इंजीनियरिंग की दुनिया की असाधारण मशीनों में शामिल करता है।




















