Gen Z को नहीं आती मैनुअल कार चलाना! 35% ने कभी नहीं सीखी क्लच-गियर वाली ड्राइविंग, 56% को अब अफसोस

कारें लगातार स्मार्ट होती जा रही हैं। ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, एडवांस ड्राइविंग फीचर्स और आसान कंट्रोल ने ड्राइविंग को पहले के मुकाबले काफी आसान बना दिया है। लेकिन इसी बदलाव के बीच मैनुअल कार चलाने की स्किल धीरे-धीरे कम होती जा रही है। खासकर नई पीढ़ी यानी Gen Z में मैनुअल ट्रांसमिशन वाली कार चलाने का अनुभव पिछली पीढ़ियों की तुलना में काफी कम नजर आ रहा है। अमेरिका में हुए Extreme Terrain के एक नए सर्वे के मुताबिक, Gen Z के 35% कार चालकों ने जिंदगी में कभी मैनुअल ट्रांसमिशन यानी स्टिक शिफ्ट वाली कार चलाना सीखा ही नहीं। वहीं बेबी बूमर्स में यह आंकड़ा सिर्फ 9% है। यानी दोनों पीढ़ियों के बीच मैनुअल ड्राइविंग सीखने के मामले में बड़ा अंतर दिखाई देता है। हालांकि सबसे दिलचस्प बात यह है कि मैनुअल कार से दूरी बनाने वाली Gen Z में ही बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिन्हें अब लगता है कि उन्हें यह स्किल सीखनी चाहिए थी।
Gen Z के 65% ड्राइवर चला सकते हैं मैनुअल कार
सर्वे में अलग-अलग पीढ़ियों के ड्राइवरों से पूछा गया कि अगर उन्हें आज मैनुअल ट्रांसमिशन वाली कार चलानी पड़े तो क्या वे पूरे भरोसे के साथ इसे चला पाएंगे। इस सवाल के जवाब में 91% बेबी बूमर्स ने कहा कि वे आत्मविश्वास के साथ मैनुअल कार चला सकते हैं। वहीं Gen X में यह आंकड़ा 82%, मिलेनियल्स में 71% और Gen Z में 65% रहा। यानी उम्र कम होने के साथ मैनुअल कार चलाने का आत्मविश्वास भी कम होता दिखाई दे रहा है। 30 साल से कम उम्र के ड्राइवरों में यह भरोसा और कम होकर 58% रह गया।
परिवार से सीखी मैनुअल ड्राइविंग
मैनुअल कार चलाना सीखने वाले लोगों के लिए परिवार की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है। सर्वे में 56% मैनुअल ड्राइवरों ने बताया कि उन्होंने अपने माता-पिता, परिवार के किसी बड़े सदस्य या रिश्तेदार से मैनुअल कार चलाना सीखा। वहीं 27% लोगों ने बताया कि उन्होंने यह स्किल अपने दोस्त या पार्टनर की मदद से सीखी। ड्राइविंग इंस्ट्रक्टर और एक्सपर्ट्स का मानना है कि पुरानी पीढ़ियों में मैनुअल कार सीखना ज्यादा आम था, क्योंकि उस समय ज्यादातर घरों में मैनुअल ट्रांसमिशन वाली कारें ही होती थीं। ऑटोमैटिक कारों की संख्या काफी कम थी। आज स्थिति बदल गई है। ऑटोमैटिक कारें ज्यादा आसानी से उपलब्ध हैं और नई पीढ़ी के सामने मैनुअल कार सीखने की जरूरत पहले जैसी नहीं रही। यही वजह है कि परिवार में भी बच्चों को मैनुअल कार सिखाने की परंपरा कम होती जा रही है।
जरूरत से ज्यादा पसंद बनी वजह
मैनुअल कार सीखने की वजह भी अलग-अलग पीढ़ियों में बदलती नजर आई। बेबी बूमर्स के 55% लोगों ने कहा कि उन्होंने जरूरत की वजह से मैनुअल कार चलाना सीखा था। वहीं सिर्फ 23% ने इसे अपनी पसंद बताया। इसके उलट Gen Z में सिर्फ 22% लोगों ने कहा कि उन्होंने जरूरत के कारण मैनुअल ड्राइविंग सीखी, जबकि 55% ने इसे अपनी पसंद से सीखने की बात कही। यानी पुरानी पीढ़ियों के लिए मैनुअल ड्राइविंग एक जरूरत थी, जबकि नई पीढ़ी में यह ज्यादा शौक या व्यक्तिगत पसंद से जुड़ी हुई नजर आती है।
मैनुअल कार चलाना दिमाग के लिए भी चुनौती
मैनुअल कार चलाते समय ड्राइवर को एक साथ कई चीजों का ध्यान रखना पड़ता है। क्लच, गियर, एक्सीलेरेटर और स्टीयरिंग के बीच सही तालमेल बनाना जरूरी होता है। यही वजह है कि नए ड्राइवरों को मैनुअल कार चलाना मुश्किल लग सकता है। ऑटोमैटिक कार में क्लच और गियर बदलने की जरूरत नहीं होती, जिससे ड्राइविंग अपेक्षाकृत आसान हो जाती है। दिलचस्प बात यह है कि मैनुअल कार चलाना जानने वाले लोग भी अब इसे कम इस्तेमाल कर रहे हैं। सर्वे में 64% ऐसे ड्राइवरों ने बताया कि वे मैनुअल कार कभी-कभार या बिल्कुल नहीं चलाते। वहीं 31% लोग ऐसे थे जो मैनुअल कार चला सकते हैं, लेकिन उसे चलाते ही नहीं।
Gen Z को अब हो रहा अफसोस
मैनुअल कारों से दूरी के बावजूद Gen Z में इसे सीखने की इच्छा सबसे ज्यादा दिखाई दी। सर्वे में कुल 54% लोगों ने कहा कि काश उन्होंने मैनुअल कार चलाना सीखा होता या उन्हें इसे सीखने का मौका मिला होता। Gen Z में यह आंकड़ा 56% रहा। यानी इस पीढ़ी के आधे से ज्यादा ड्राइवर चाहते हैं कि उन्होंने मैनुअल ड्राइविंग सीखी होती या वे इसे बेहतर तरीके से चला पाते। इसके मुकाबले सिर्फ 26% बेबी बूमर्स ने ऐसी इच्छा जताई। इतना ही नहीं, 68% माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे मैनुअल कार चलाना सीखें। इनमें 40% माता-पिता ऐसे भी थे, जो खुद मैनुअल कार चलाना नहीं जानते।
क्या EV खत्म कर देंगी मैनुअल ट्रांसमिशन?
इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल के बीच मैनुअल ट्रांसमिशन का भविष्य भी सवालों में है। सर्वे में 55% लोगों ने माना कि इलेक्ट्रिक कारें आखिरकार मैनुअल ट्रांसमिशन को खत्म कर देंगी। बेबी बूमर्स में यह सोच सबसे ज्यादा रही। इस पीढ़ी के 95% लोगों ने मैनुअल ड्राइविंग को खत्म होती हुई स्किल माना। वहीं Gen Z में 78% लोगों का मानना था कि इलेक्ट्रिक कारों के दौर में मैनुअल ट्रांसमिशन खत्म हो सकता है। सिर्फ 38% लोगों को लगता है कि 20 साल बाद भी मैनुअल कारें मौजूद रहेंगी।
अमेरिका में मैनुअल कारों की बिक्री में बड़ी गिरावट
अमेरिका में मैनुअल ट्रांसमिशन वाली कारों की बिक्री में भी पिछले कुछ दशकों में बड़ी गिरावट आई है। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में अमेरिका में बिकने वाली कुल कारों में 2% से भी कम कारें मैनुअल ट्रांसमिशन वाली थीं। वहीं 2025 मॉडल ईयर के लिए अमेरिकी बाजार में बनी कुल गाड़ियों में सिर्फ 0.6% में मैनुअल ट्रांसमिशन दिया गया था। इसकी तुलना 1980 से करें तो उस समय यह आंकड़ा करीब 35% था। यानी कुछ दशकों में मैनुअल गियर वाली कारों का हिस्सा बेहद तेजी से घटा है।
जुलाई 2026 में हुआ सर्वे
Extreme Terrain ने जुलाई 2026 में 1,006 अमेरिकी ड्राइवरों पर यह सर्वे किया। इसमें लोगों से मैनुअल ट्रांसमिशन वाली कारों को लेकर उनके अनुभव, पसंद और भविष्य से जुड़े सवाल पूछे गए। सर्वे में Gen Z की उम्र 18 से 29 साल, मिलेनियल्स की 30 से 45 साल, Gen X की 46 से 61 साल और बेबी बूमर्स व उससे ज्यादा उम्र के लोगों को 62 साल या उससे अधिक की कैटेगरी में रखा गया। सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि जहां मैनुअल कार चलाने की स्किल नई पीढ़ी में कम हो रही है, वहीं इसे सीखने की इच्छा भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। खासकर Gen Z के बीच अब बड़ी संख्या में लोग मानते हैं कि उन्हें यह ड्राइविंग स्किल सीखनी चाहिए थी।




















