फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहले दिन टली NEET पेपर लीक की सुनवाई,CBI का वकील नहीं पहुंचा

नई दिल्ली। देशभर में विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक बहस के बीच NEET पेपर लीक मामले की सुनवाई के लिए बनाई गई फास्ट ट्रैक कोर्ट में सोमवार को कार्यवाही शुरू होते ही रुक गई। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में CBI की ओर से कोई भी अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ, जिसके कारण अदालत को मामले की सुनवाई स्थगित करनी पड़ी। यह मामला मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG में कथित पेपर लीक से जुड़ा है, जिसकी जांच फिलहाल केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने का निर्णय लिया था, ताकि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाई जा सके।
अदालत ने लोक अभियोजक नियुक्त करने को कहा
सुनवाई के दौरान अदालत ने Director of Prosecution को निर्देश दिया कि इस मामले की पैरवी के लिए जल्द एक लोक अभियोजक (Public Prosecutor) नियुक्त किया जाए। अदालत ने कहा कि अगली तारीख पर अभियोजन पक्ष की ओर से विधिवत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होना चाहिए, ताकि सुनवाई में कोई प्रशासनिक बाधा न आए।
जमानत याचिकाओं पर भी नहीं हो सकी सुनवाई
सोमवार को आरोपियों विकास और दिनेश बिवाल की जमानत याचिकाएं भी अदालत में सूचीबद्ध थीं। हालांकि CBI की ओर से वकील की अनुपस्थिति के कारण इन याचिकाओं पर भी कोई बहस नहीं हो सकी। अदालत ने दोनों मामलों को अगली तारीख के लिए स्थगित कर दिया।
3 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त 2026 के लिए तय की है। अदालत ने उम्मीद जताई कि तब तक लोक अभियोजक की नियुक्ति हो जाएगी और जांच एजेंसी की ओर से आवश्यक दस्तावेज व जवाब अदालत के सामने रखे जा सकेंगे।












