उम्र होने के बाद भी नहीं आती दाढ़ी-मूंछ?कहीं ये खतरे का संकेत तो नहीं... चौंका देगी असली वजह

हेल्थ डेस्क। 15-16 साल की उम्र में जहां ज्यादातर लड़कों के चेहरे पर दाढ़ी-मूंछ आने लगती है, वहीं कुछ पुरुष ऐसे भी होते हैं जिनकी उम्र 20-25 साल पार करने के बाद भी चेहरा साफ बना रहता है। इस वजह से कई बार उन्हें मजाक का सामना करना पड़ता है, जिससे आत्मविश्वास भी कम होने लगता है।
बहुत से लोग दाढ़ी उगाने के लिए महंगे तेल, क्रीम और घरेलू नुस्खों पर पैसा खर्च करते हैं, लेकिन असली कारण पर ध्यान नहीं देते। जिसकी वजह स समस्या जस की तस बनी रहती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसके पीछे एक अहम हार्मोन जिम्मेदार होता है।
किस हार्मोन की वजह से आती है दाढ़ी-मूंछ?
पुरुषों में दाढ़ी-मूंछ के विकास के लिए टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) सबसे जरूरी हार्मोन माना जाता है। यह पुरुषों का प्रमुख सेक्स हार्मोन है, जो चेहरे के बालों की जड़ों यानी हेयर फॉलिकल्स को सक्रिय करता है।
टेस्टोस्टेरोन से बनने वाला डायहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन (DHT) दाढ़ी को घना और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है। अगर शरीर में इन हार्मोन्स का स्तर कम हो, तो चेहरे पर बाल कम, पतले या बिल्कुल नहीं आते।
टेस्टोस्टेरोन की कमी क्यों हो जाती है?
टेस्टोस्टेरोन लेवल कम होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें ज्यादातर आपकी लाइफस्टाइल से जुड़े होते हैं-
- ज्यादा तनाव और चिंता
- खराब खान-पान
- नींद की कमी
- मोटापा
- थायरॉइड की समस्या
- हार्मोनल डिसऑर्डर
- जेनेटिक कारण
कुछ मामलों में पिट्यूटरी ग्रंथि से जुड़ी समस्याएं भी इस हार्मोन को प्रभावित करती हैं।
टेस्टोस्टेरोन की कमी के लक्षण
अगर शरीर में टेस्टोस्टेरोन कम हो, तो इसके संकेत साफ नजर आने लगते हैं-
- चेहरे पर दाढ़ी-मूंछ का न उगना
- जल्दी थकान महसूस होना
- मांसपेशियों में कमजोरी
- कम कामेच्छा
- मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन
अगर ऐसे लक्षण लंबे समय से बने हुए हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
कैसे पता करें हार्मोन की कमी है या नहीं?
डॉक्टर की सलाह पर एक साधारण ब्लड टेस्ट से टेस्टोस्टेरोन लेवल की जांच की जा सकती है। इससे साफ हो जाता है कि समस्या हार्मोन से जुड़ी है या किसी और कारण से।
टेस्टोस्टेरोन लेवल कैसे बढ़ाएं?
अगर रिपोर्ट में हार्मोन की कमी सामने आती है, तो कुछ बदलाव फायदेमंद हो सकते हैं-
- प्रोटीन, जिंक और विटामिन-D से भरपूर आहार लें
- नियमित एक्सरसाइज करें, खासकर वेट ट्रेनिंग
- तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान करें
- पूरी नींद लेना न भूलें
गंभीर मामलों में डॉक्टर हार्मोन थेरेपी या अन्य इलाज की सलाह दे सकते हैं।
जरूरी चेतावनी:











