रिश्ते में प्यार, सम्मान और समझदारी होना बहुत जरूरी है। लेकिन कई बार रिश्ते में जलन, शक, हीनभावना और कंट्रोलिंग बिहेवियर जैसी बातें आ जाती हैं। इससे न सिर्फ रिश्ता खराब होता है, बल्कि आपकी इमोशनल और मेंटल हेल्थ पर भी असर पड़ता है। ऐसे रिश्तों को हम टॉक्सिक रिलेशनशिप (Toxic Relationship) कहते हैं। अक्सर लोग इसे समझकर भी निभाने लगते हैं, लेकिन यह उनके लिए काफी दर्दनाक हो सकता है।
1. कंट्रोल करने वाला पार्टनर
रिश्ते में हर व्यक्ति की फ्रीडम जरूरी है। अगर आपका पार्टनर आपकी हर एक्टिविटी पर नजर रखता है और हर चीज के लिए जवाबदेह ठहराता है, तो यह टॉक्सिक बिहेवियर है। ऐसे पार्टनर आपके फैसलों पर भी नियंत्रण करने की कोशिश करते हैं और आपकी पर्सनल स्पेस को नजरअंदाज करते हैं।
2. हमेशा बुराई करना
अगर आपका पार्टनर लगातार आपकी गलतियों को लेकर आपको नीचा दिखाता है या हर बात पर आलोचना करता है, तो यह टॉक्सिक रिलेशनशिप की साफ पहचान है। इस तरह का व्यवहार आपके आत्म-सम्मान को चोट पहुंचा सकता है और आपको मानसिक तौर पर कमजोर कर सकता है।
3. बात-बात पर झगड़ा
रिश्तों में बहस होना सामान्य है, लेकिन अगर आपका साथी छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करता है और बहस के बहाने ढूंढता है, तो सावधान रहें। लगातार झगड़े और तनाव आपके रिश्ते को अस्वस्थ बना सकते हैं और आपके मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालते हैं।
4. पब्लिक में डांटना
गलतियां करना इंसानी स्वभाव है, लेकिन यदि आपका पार्टनर आपकी गलतियों पर आपको पब्लिक में डांटता है या अपमानित करता है, तो यह टॉक्सिक रिलेशन का बड़ा संकेत है। इससे आपकी इज्जत और आत्मविश्वास दोनों प्रभावित होते हैं।
5. जलन और ओवर-पजेसिवनेस
अगर आपका पार्टनर हर छोटी चीज पर शक करता है, तो यह टॉक्सिक व्यवहार है। ओवर-पजेसिव और जलन भरे रिश्ते में तनाव, डर और असुरक्षा बढ़ जाती है।
6. नेगेटिविटी और फीलिंग्स को न समझना
कुछ रिश्तों में पार्टनर एक-दूसरे की भावनाओं को समझने की कोशिश नहीं करते। अपनी बात कहने पर भी अगर वह सुनता नहीं या आपकी फीलिंग्स को गंभीरता से नहीं लेता, तो यह भी टॉक्सिक रिश्ते का संकेत है।
टॉक्सिक रिलेशनशिप से बचने के उपाय
- अपने साथी के व्यवहार पर ध्यान दें और अगर जरूरत हो तो सीमाएं तय करें।
- मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।
- समय-समय पर अपने रिश्ते का मूल्यांकन करें और समझदारी से निर्णय लें।
- जरूरत पड़ने पर परिवार, दोस्त या काउंसलर की मदद लें।