Manisha Dhanwani
8 Feb 2026
गुवाहाटी। असम सरकार कांग्रेस सांसद और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई से जुड़े मामले को केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि गौरव गोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ का संबंध पाकिस्तानी एजेंट अली तौकीर शेख से रहा है।
उनका दावा है कि एक पाकिस्तानी कंपनी ने एलिजाबेथ को नौकरी दी थी, जिसके बाद उन्हें भारत स्थानांतरित कर दिया गया। आरोप है कि इस दौरान एलिजाबेथ को मिलने वाला वेतन अली तौकीर शेख ही देता था।
हिमंता बिस्व सरमा ने यह भी आरोप लगाया कि एलिजाबेथ भारत से जुड़ी कई अहम जानकारियां एकत्र कर पाकिस्तानी नागरिक अली शेख को भेजती थीं। मुख्यमंत्री के अनुसार, अली तौकीर शेख वर्ष 2010 से 2013 के बीच 13 बार भारत आया था और उसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत विरोधी नैरेटिव को बढ़ावा देना था। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी तथ्यों और आरोपों की जानकारी केंद्र सरकार को दी जाएगी, ताकि मामले की गहन जांच की जा सके।
हिमंता बिस्व सरमा ने इस मामले में आगे कहा है कि यदि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के खिलाफ अभी कोई कड़ा कदम उठाया गया, तो इसे विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक कार्रवाई बताया जाएगा। उन्होंने यह बात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि असम सरकार ने अब तक मौजूदा सांसद गौरव गोगोई से कथित पाकिस्तान कनेक्शन को लेकर कोई पूछताछ नहीं की है।
उन्होंने कहा कि एक सांसद होने के नाते गौरव गोगोई के पद और गरिमा का सम्मान किया गया है, इसलिए पूरा मामला जांच के लिए केंद्र सरकार के हवाले किया गया है। हिमंता बिस्व सरमा ने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई ने वर्ष 2022 में अपना भारतीय पासपोर्ट सरेंडर कर दिया था और वर्तमान में वह ब्रिटिश नागरिक हैं।
CM का दावा है कि एलिजाबेथ ने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) से जुड़े सूत्रों के माध्यम से क्लाइमेट एक्शन से संबंधित जानकारियां जुटाईं।
आरोप है कि गौरव गोगोई ने अपने चुनावी हलफनामे में पत्नी के कथित पाकिस्तानी बैंक खाते की जानकारी का खुलासा नहीं किया।
हिमंता के अनुसार, एलिजाबेथ को भुगतान करने के लिए विदेशी चंदा विनियमन अधिनियम (FCRA) के नियमों को दरकिनार किया गया।
आरोप है कि एक भारतीय फर्म में काम करने के दौरान एलिजाबेथ ने छह बार इस्लामाबाद की यात्रा की। इसके बाद एक अन्य NGO से जुड़ने के बाद उन्होंने तीन बार पाकिस्तान का दौरा किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि एलिजाबेथ हर बार पाकिस्तान जाने के लिए अटारी बॉर्डर का ही इस्तेमाल करती थीं और कभी भी हवाई मार्ग से यात्रा नहीं की।