PlayBreaking News

Peoples Update Special :रामायण प्रतियोगिता के जरिए बच्चों को सिखा रहे संस्कार, उपहार में देते हैं रामचरित मानस

ग्वालियर के युवा की पहल पर हर साल जनवरी में रामायण प्रतियोगिता अयोजित की जाती है। इसका उद्देश्य प्रतियोगियों को संस्कारवान बनाना है।
Follow on Google News
रामायण प्रतियोगिता के जरिए बच्चों को सिखा रहे संस्कार, उपहार में देते हैं रामचरित मानस
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    राजीव कटारे, ग्वालियर। आधुनिकता के दौर में मोबाइल की लत से युवा और बच्चे संस्कारों से दूर होते जा रहे हैं। छोटी-छोटी बात पर माता-पिता से झगड़ना, जिद में घर छोड़ने जैसी बुराइयां पनप रही हैं। ऐसे में शहर के युवा अंकित शर्मा रामायण प्रतियोगिता के जरिए बच्चों में संस्कार के बीज डाल रहे हैं, ताकि आगे चलकर वह संस्कारवान बन सकें। अंकित शर्मा ने आने वाली पीढ़ी को रामायण के प्रसंगों के माध्यम से संस्कारवान बनाने का संकल्प लिया था। इसके लिए वह जनवरी में रामायण पर आधारित प्रतियोगिता का आयोजन करते हैं। इसमें बच्चों से रामायण से संबंधित वाल पूछे जाते हैं। 

    उपहार में देते हैं रामचरित मानस

    रामायण प्रतियोगिता के विजेताओं और इसमें भाग लेने वाले बच्चों को उपहार में रामचरित मानस दी जाती है। साथ ही उनसे सकंल्प लिया जाता है कि वह इस ग्रंथ को पढ़कर उसे अपने जीवन में अपनाएंगे। अंकित शर्मा के अनुसार, पिछले दो साल में एक हजार से अधिक बच्चे इन आयोजनों में शामिल हो चुके हैं।

    नि:शुल्क लाइब्रेरी का संचालन

    अंकित शर्मा कम्पू स्थित टकसाल स्कूल परिसर एवं गोल पहाड़िया स्थित एक सामुदायिक भवन में नि:शुल्क लाइब्रेरी भी संचालित करते हैं। इनमें 3000 पुस्तके हैं। इनमें धार्मिक पुस्तकों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं सहित अन्य किताबें भी हैं। ये पुस्तकें दान से जुटाई गई हैं।

    हर बच्चे को इसमें भाग लेना चाहिए

    मैंने 2024 में रामायण प्रतियोगिता में भाग लिया था। इसमें मैंने पहला स्थान हासिल किया था। धर्म से बच्चों को जोड़ने के यह बहुत अच्छा प्रयास है। हर स्कूली बच्चे को ऐसे आयोजनों में भाग लेना चाहिए।        नेहा बघेल, प्रतिभागी

    बच्चे का व्यवहार बदला

    मेरे बच्चा जो कि कक्षा चार में पढ़ता हैं उसने गत वर्ष 12 जनवरी 2025 को आयोजित हुई रामायण प्रतियोगिता में भाग लिया, प्रतियोगिता में भाग लेने के उसके न केवल उसके व्यवहार में बदलावा आया है बल्कि वह सुबह उठकर सभी प्रणाम करना भी सीख गया है जबकि पहले मोबाइल को लेकर ही जिंद करता रहता था।

    राहुल शर्मा, अभिभावक

    मेरे साथी मेरी मदद करते हैं

    बच्चों में बचपन से जैसे संस्कार डाले जाते हैं वह आगे चलकर वैसे ही बनते हैं, इसलिए मैंने आयोध्या में राममंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही प्रण लिया है कि हर साल रामायण प्रतियोगिता आयोजित करूंगा, इसमें मेरे साथी भी मेरी मदद करते हैं।

    अंकित शर्मा, समाजसेवी

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts