PM मोदी को स्वीडन का सर्वोच्च सम्मान :विदेशी धरती पर मिला 31वां अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड, भारतीय समुदाय से कर सकेत हैं मुलाकात
विशेषज्ञों के मुताबिक 19वीं सदी में यूरोपीय देशों ने भारत और एशिया में व्यापार और रिसर्च के दौरान कई ऐतिहासिक वस्तुएं अपने देशों में पहुंचा दी थीं। माना जाता है कि उसी दौरान ये चोल ताम्र पट्टिकाएं भी नीदरलैंड पहुंच गई थीं।
Aakash Waghmare
18 May 2026



























