भोपाल ट्विशा केस में नया मोड़!सास ने कोर्ट में कहा- बहू ड्रग्स की आदी थी, नशा नहीं मिलता था तो कांपते थे हाथ; 12 घंटे लापता भी रही थी

भोपाल। राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स स्थित बागमुगालिया एक्सटेंशन में हुई ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। रिटायर्ड महिला जज की बहू ट्विशा शर्मा की मौत के छह दिन बाद भी विवाद थमता नजर नहीं आ रहा। एक तरफ जहां मायका पक्ष इसे दहेज प्रताड़ना से जुड़ा मामला बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ आरोपी सास गिरिबाला सिंह ने कोर्ट में चौंकाने वाले दावे किए हैं।
मामले में नया मोड़ तब आया जब गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत याचिका के कुछ हिस्से सामने आए। इसमें उन्होंने ट्विशा को ड्रग्स की आदी बताया है। उन्होंने दावा किया कि ट्विशा की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और उसका मनोचिकित्सक के पास इलाज चल रहा था।
परिवार ने शव लेने से किया इनकार
ट्विशा के परिजन अब तक शव लेने को तैयार नहीं हुए हैं। परिवार का आरोप है कि, मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की जा रही और पुलिस आरोपी पति समर्थ शर्मा की गिरफ्तारी में लापरवाही बरत रही है। परिजनों ने मांग की है कि, मामले की जांच मध्य प्रदेश से बाहर की किसी एजेंसी से कराई जाए। साथ ही नई दिल्ली स्थित एम्स में दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की भी मांग उठाई गई है।
जमानत अर्जी में सास के बड़े दावे
रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की ओर से दाखिल जमानत आवेदन में कहा गया है कि, ट्विशा को ड्रग्स की लत थी। नशा नहीं मिलने पर उसके हाथ कांपने लगते थे और वह चिड़चिड़ा व्यवहार करने लगती थी। आवेदन में यह भी कहा गया कि, ट्विशा का इलाज भोपाल के मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी के पास चल रहा था। इसके अलावा उसे काउंसलिंग के लिए काकोली राय के पास भी भेजा गया था। सास पक्ष ने कोर्ट में दावा किया कि, ट्विशा के पिता को भी उसकी इस स्थिति की जानकारी थी।
ट्विशा का मनोचिकित्सक के पास चल रहे इलाज का पर्चा।
दहेज नहीं मांगा, खर्च के पैसे देते थे
जमानत आवेदन में दहेज प्रताड़ना के आरोपों को पूरी तरह गलत बताया गया है। गिरिबाला सिंह ने कोर्ट को बताया कि, ट्विशा को हर महीने जरूरत के हिसाब से ऑनलाइन पैसे भेजे जाते थे। कोर्ट में 5 हजार से लेकर 50 हजार रुपए तक के बैंक ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड भी पेश किए गए। ससुराल पक्ष का कहना है कि, ट्विशा पर कभी किसी तरह का आर्थिक दबाव नहीं बनाया गया।
गिरीबाला सिंह द्वारा कोर्ट में प्रस्तुत किया गया ट्रांजेक्शन।
प्रेग्नेंसी के बाद बदल गया था व्यवहार?
कोर्ट में सुनवाई के दौरान सास पक्ष के वकील ने दावा किया कि, ट्विशा के गर्भवती होने के बाद उसका व्यवहार बदल गया था। आवेदन के मुताबिक, 17 अप्रैल 2026 को उसे अपनी प्रेग्नेंसी की जानकारी मिली थी। ससुराल पक्ष का दावा है कि, अस्पताल से लौटने के बाद ट्विशा ने कहा था कि वह घरेलू महिला का नाटक नहीं कर सकती और नोएडा वापस जाना चाहती है। हालांकि, बाद में उसका गर्भपात हो गया था।
12 घंटे तक लापता रहने का दावा
सास गिरिबाला सिंह ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका में दावा किया है कि, ट्विशा और समर्थ की शादी 9 दिसंबर 2025 को हुई थी। आवेदन में कहा गया है कि शादी के बाद से 12 मई तक ट्विशा कई बार अपने मायके नोएडा गई थी। याचिका के मुताबिक, एक बार ट्विशा सुबह भोपाल से फ्लाइट लेकर नोएडा गई थी और देर रात वापस लौटी। इस दौरान वह करीब 12 घंटे तक परिवार के संपर्क में नहीं रही। जब उससे इस बारे में पूछा गया तो उसने अपनी लोकेशन या गतिविधियों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
मौत से पहले क्या हुआ था?
11 मई की शाम ट्विशा ब्यूटी पार्लर से तैयार होकर घर लौटी थी। उसी दौरान उसकी मां का फोन आया। बातचीत करते हुए वह घर की छत पर चली गई। कुछ देर बाद कॉल अचानक कट गया। रात करीब 10:30 बजे ट्विशा घर की छत पर प्लास्टिक की रस्सी के सहारे फंदे से लटकी मिली। पति समर्थ शर्मा पड़ोसियों की मदद से उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

फरार पति की तलाश जारी
मामले में ट्विशा के पति समर्थ शर्मा और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया गया है। गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत मिल चुकी है, जबकि समर्थ शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका पर आज सुनवाई होनी है। घटना के बाद से समर्थ फरार बताया जा रहा है। पुलिस की अलग टीम उसकी तलाश में जुटी है।
SIT करेगी मामले की जांच
भोपाल पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया है। एसीपी मिसरोद रजनीश कश्यप के नेतृत्व में बनाई गई इस टीम में महिला पुलिसकर्मियों समेत छह अधिकारी शामिल हैं। एसआईटी पूरे घटनाक्रम, पारिवारिक विवाद, मेडिकल रिकॉर्ड और कॉल डिटेल्स की जांच कर रही है।
डेटिंग ऐप से शुरू हुई थी दोनों की कहानी
31 वर्षीय ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं। उन्होंने एमबीए की पढ़ाई की थी और दिल्ली की एक निजी कंपनी में नौकरी करती थीं। शादी से पहले वह तेलुगु फिल्मों और मॉडलिंग की दुनिया में भी काम कर चुकी थीं। इसी दौरान एक डेटिंग ऐप पर उनकी मुलाकात समर्थ शर्मा से हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और परिवार की सहमति से दिसंबर 2025 में शादी हुई थी। लेकिन शादी के महज पांच महीने बाद ट्विशा की मौत ने पूरे मामले को रहस्य और विवादों से भर दिया है।











