इंडियन ऑर्गन डोनेशन-डे, एक 'हां' बचा सकती है कई जिंदगियां, मध्यप्रदेश में हजारों मरीज अंगदान के इंतजार में
'पापा... मेरा नंबर कब आएगा?' 24 वर्षीय अंकित (परिवर्तित नाम) का यह सवाल हर तीसरे दिन डायलिसिस के बाद अपने पिता से होता है। दो साल पहले उसकी दोनों किडनियां जवाब दे गई थीं और अब किडनी ट्रांसप्लांट ही उसके जीवन की सबसे बड़ी उम्मीद है। लेकिन अंगदान के प्रति जागरूकता की कमी और परिजनों की असहमति के कारण हजारों मरीजों का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है।
Rohit Sharma
3 Aug 2026


























