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अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला, छोटे शिल्पियों और कारीगरों को चयन प्रक्रिया से किया जा रहा दरकिनार

विरासत बचाने और विकास को आगे बढ़ाने की नीयत से शुरू किया गया अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला अब बड़े कारोबारियों के लिए मुनाफा कमाने का जरिया बनता जा रहा है। परंपरागत शिल्पियों, छोटे कारीगरों और उत्पादकों को दरकिनार कर मेले में बड़े व्यापारियों का कब्जा होने की बात सामने आ रही है।
छोटे शिल्पियों और कारीगरों को चयन प्रक्रिया से किया जा रहा दरकिनार

भोपाल। दिल्ली के भारत मंडपम (प्रगति मैदान) में हर साल आयोजित होने वाले इस मेले का उद्देश्य देश की कला को दुनिया के सामने लाना और छोटे शिल्पियों को प्रोत्साहित करना है। लेकिन आरोप हैं कि चयन प्रक्रिया के नाम पर प्रदेश के हुनरमंदों को अलग-थलग किया जा रहा है और बड़े कारोबारी कम दाम पर स्टॉल लेकर मुनाफा कमा रहे हैं।

करीब 45 साल से आयोजित हो रहा अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला

दिल्ली के भारत मंडपम में हर साल अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का आयोजन किया जाता है। इसमें देश के सभी राज्यों की कला के साथ विदेशों से भी कलाकार आमंत्रित किए जाते हैं। मेले का उद्देश्य देश की कला को दुनिया के सामने लाना और यहां के शिल्पियों, कारीगरों और छोटे उत्पादकों को प्रोत्साहित करना है।

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छोटे कारीगरों से कम दाम पर स्टॉल लेकर कमा रहे मुनाफा

सूत्रों के अनुसार, करीब 45 वर्षों से आयोजित इस मेले पर अब बड़े कारोबारियों का कब्जा हो गया है। वे शिल्पियों, कारीगरों और छोटे उत्पादकों से कम दाम पर स्टॉल खरीदकर अपनी सजावट कर रहे हैं और जमकर मुनाफा कमा रहे हैं। इससे मेले में आने वाले कला पारखियों को महंगे दाम चुकाने पड़ रहे हैं।

चयन प्रक्रिया में असल शिल्पियों को नहीं मिल रही जगह

जिला उद्योग विभाग, एमएसएमई, वस्त्र मंत्रालय और प्रदेशों के विभिन्न विभागों को इस प्रदर्शनी कम सेल में भागीदार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी जाती है। विभाग एक कमेटी बनाकर प्रतिभागियों के नाम तय करती है और सूची संबंधित विभाग को सौंप देती है। आरोप है कि इस प्रक्रिया में असल कारीगर, शिल्पी और उत्पादक शामिल ही नहीं हो पाते।

14 नवंबर से शुरू होने वाले मेले के लिए नाम तय

14 नवंबर से होने वाले इस आयोजन के लिए मध्यप्रदेश से भी एमएसएमई और जिला उद्योग विभाग ने प्रतिभागियों के नाम तय कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि कमेटी द्वारा तय किए गए नामों में ज्यादातर लोग अपने काम के कम जानकार हैं। इन नामों को किस आधार पर अंतिम रूप दिया गया, इसका भी कमेटी के पास कोई सटीक जवाब नहीं बताया जा रहा है।

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मंत्री चैतन्य काश्यप ने कार्रवाई का दिया भरोसा

इस मामले में एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि चयन प्रक्रिया में किसी तरह की धांधली हुई होगी, तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिल्पियों, कारीगरों और छोटे उत्पादकों के अधिकारों का पूरा ख्याल रखा जाएगा। मंत्री के इस बयान के बाद चयन प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर विभाग की कार्रवाई का इंतजार है।

Amit Sen
By Amit Sen

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