भिंड में प्रतिबंध के बावजूद किसान ने जलाई पराली, कुछ ही मिनटों में पहुंची फायर ब्रिगेड; प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई
भिण्ड। आग की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद कृषि विभाग के दल ने एसडीएम गोहद को अवगत कराया और आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की मदद मांगी। मालनपुर नगर परिषद के सीएमओ रिहान अली जैदी ने सूचना मिलते ही तत्परता दिखाई और बिना देरी किए कुछ ही मिनटों में फायर ब्रिगेड को घटनास्थल पर पहुंचा दिया। दमकल कर्मियों ने तत्काल आग बुझाने की कार्रवाई शुरू की और आग पर काबू पा लिया। समय रहते दमकल पहुंचने से आग को आसपास के खेतों तक फैलने से रोक लिया गया।
प्रतिबंधात्मक आदेश के उल्लंघन पर कार्रवाई
कलेक्टर पवन जैन द्वारा जिले में फसल अवशेष (पराली) जलाने पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। इसके तहत किसानों को खेतों में नरवाई और पराली नहीं जलाने के निर्देश दिए गए हैं। कृषि विभाग द्वारा लगातार गांव-गांव पहुंचकर किसानों को इसके दुष्परिणामों और फसल अवशेषों के वैकल्पिक प्रबंधन के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इसके बावजूद ग्राम सर्वा में पराली जलाने की घटना सामने आने के बाद विभागीय अमले ने तत्काल कार्रवाई की। आग बुझाए जाने के बाद मौके पर पहुंचे संयुक्त दल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पंचनामा तैयार किया। कलेक्टर के प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने के संबंध में संबंधित किसान के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
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पराली जलाने से जमीन की उर्वरता पर पड़ता है असर
कृषि विभाग के अनुसार खेतों में पराली और नरवाई जलाने से मिट्टी में मौजूद उपयोगी सूक्ष्मजीव तथा जैविक तत्व नष्ट हो जाते हैं। इससे जमीन की उर्वरता प्रभावित होती है और भविष्य में फसल उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसके अलावा पराली जलाने से निकलने वाला धुआं पर्यावरण को प्रदूषित करता है। कई बार हवा के कारण आग आसपास के खेतों तक फैल जाती है, जिससे फसल, पेड़-पौधों और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है।
किसानों से पराली नहीं जलाने की अपील
कृषि विभाग ने जिले के किसानों से अपील की है कि फसल कटाई के बाद खेतों में बची नरवाई और पराली को आग के हवाले न करें। इसके बजाय पराली का उपयोग भूसा बनाने, पशु चारे और जैविक खाद तैयार करने सहित अन्य कृषि कार्यों में करें। फसल अवशेषों के बेहतर प्रबंधन के लिए उपलब्ध कृषि यंत्रों और आधुनिक तकनीकों को अपनाएं। जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। किसानों से अपने खेतों के साथ आसपास के क्षेत्र में भी पराली जलाने की घटनाओं को रोकने में सहयोग करने की अपील की गई है।






















