PU Special :भोपाल में कारों की खरीद 27% घटी, इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बिक्री में 73% का उछाल

प्रवीण श्रीवास्तव, भोपाल। इस बार नवरात्र से दशहरे तक राजधानी के वाहन बाजार में खरीदारी का उत्साह पिछले साल के मुकाबले फीका रहा। पेट्रोल-डीजल की कीमतों और वाहनों के रखरखाव पर होने वाले खर्च के बीच लोगों की पसंद में भी बदलाव देखने को मिला। कुल वाहन पंजीयन में 6.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि कारों की खरीद सबसे ज्यादा प्रभावित हुई। पिछले साल के मुकाबले इस बार करीब 27 प्रतिशत कम कारें रजिस्टर्ड हुईं। दूसरी ओर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर लोगों की पसंद बनकर उभरे और इनके पंजीयन में करीब 73 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल नवरात्र से दशहरे तक भोपाल में कुल 7048 वाहनों का पंजीयन हुआ था। इस साल यह संख्या घटकर 6591 रह गई। यानी पिछले साल के मुकाबले 457 कम वाहन रजिस्टर्ड हुए। वाहन बाजार की इस सुस्ती के बीच टू-व्हीलर सेगमेंट में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बिक्री में आई तेजी ने बाजार की बदलती तस्वीर सामने रखी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, पेट्रोल पर निर्भरता कम करने और रोजाना आने-जाने का खर्च घटाने के लिए लोग इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर को विकल्प के तौर पर देख रहे हैं।
कारों के पंजीयन में सबसे बड़ी गिरावट
इस त्योहारी सीजन में कारों की खरीद सबसे ज्यादा प्रभावित हुई। पिछले साल नवरात्र से दशहरे तक 2196 कारों का पंजीयन हुआ था, जो इस साल घटकर 1611 रह गया। इस तरह 585 कारें कम रजिस्टर्ड हुईं और पंजीयन में 26.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके उलट टू-व्हीलर सेगमेंट में बढ़ोतरी देखने को मिली। पिछले साल इस अवधि में 4266 टू-व्हीलर रजिस्टर्ड हुए थे जबकि इस साल इनकी संख्या बढ़कर 4455 हो गई। यानी 189 अधिक टू-व्हीलर का पंजीयन हुआ, जो करीब 4.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। इससे साफ है कि कुल वाहन पंजीयन में गिरावट के बावजूद दोपहिया वाहनों की मांग बनी रही।
इलेक्ट्रिक कारों के बजाय ई-स्कूटर को तरजीह
इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीयन में इस बार अलग-अलग रुझान देखने को मिले। इलेक्ट्रिक कारों का पंजीयन पिछले साल के 65 के मुकाबले इस साल घटकर 58 रह गया। यानी इसमें करीब 10.8 प्रतिशत की कमी आई। दूसरी ओर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का पंजीयन 442 से बढ़कर 764 पहुंच गया। इस तरह 322 अधिक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर रजिस्टर्ड हुए और इनके पंजीयन में 72.9 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की कम रनिंग कॉस्ट और पेट्रोल पर निर्भरता कम होने जैसे कारण लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। वहीं इलेक्ट्रिक कारों की शुरुआती कीमत, चार्जिंग सुविधाओं की उपलब्धता और बैटरी से जुड़ी चिंताएं ग्राहकों के फैसले को प्रभावित कर सकती हैं।
कम रनिंग कॉस्ट बन रही ई-स्कूटर की लोकप्रियता की वजह
ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट सुबोध श्रीवास्तव के मुताबिक इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में कमी के पीछे उनकी शुरुआती कीमत, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की सीमित उपलब्धता, लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चार्जिंग की योजना और बैटरी रिप्लेसमेंट की लागत जैसे तकनीकी और व्यावहारिक कारण हैं। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर शहरी आवागमन के लिए सुविधाजनक और किफायती विकल्प बन रहे हैं। इनमें मेंटेनेंस का खर्च कम है और पेट्रोल इंजन की तुलना में ऊर्जा पर होने वाला खर्च भी काफी कम पड़ता है। सामान्य तौर पर पेट्रोल स्कूटर चलाने में प्रति किलोमीटर करीब 2 से 2.5 रुपए खर्च होते हैं, जबकि इलेक्ट्रिक स्कूटर को घरेलू बिजली से चार्ज करने पर यह खर्च लगभग 20 से 40 पैसे रह सकता है। इस तरह रनिंग कॉस्ट में 80 से 90 प्रतिशत तक बचत संभव है। उनके अनुसार यही आर्थिक लाभ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बढ़ती लोकप्रियता की बड़ी वजह है।
वाहन बाजार के पांच बड़े बदलाव
- कुल वाहन पंजीयन: पिछले साल 7048 वाहनों के मुकाबले इस साल 6591 पंजीयन हुए। 457 वाहनों की कमी यानी 6.5 प्रतिशत की गिरावट।
- कारें: पंजीयन 2196 से घटकर 1611 रह गया। 585 कारें कम रजिस्टर्ड हुईं और 26.6 प्रतिशत की गिरावट आई।
- टू-व्हीलर: पंजीयन 4266 से बढ़कर 4455 हुआ। 189 वाहनों की बढ़ोतरी यानी 4.4 प्रतिशत का इजाफा।
- इलेक्ट्रिक कारें: पंजीयन 65 से घटकर 58 रह गया। इसमें 10.8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
- इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर: पंजीयन 442 से बढ़कर 764 पहुंचा। 322 वाहनों की बढ़ोतरी के साथ 72.9 प्रतिशत का उछाल आया।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी हो सकती हैं वजह
भोपाल आरटीओ जितेंद्र शर्मा के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले इस बार वाहन पंजीयन कम हुए हैं। इसके पीछे पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी एक वजह हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक गाड़ियां किफायती होती हैं और लोग इन्हें भी पसंद कर रहे हैं।




















