मालनपुर को मंडीदीप-पीथमपुर जैसी पहचान दिलाने की तैयारी, CSR फंड से सुधरेगी शिक्षा और सार्वजनिक सुविधाएं
भिण्ड। मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र को प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र मंडीदीप और पीथमपुर जैसी पहचान दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसके तहत औद्योगिक विकास के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार के योग्य बनाने, सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इन योजनाओं के लिए उद्योगों के कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) फंड का उपयोग किया जाएगा। विकास भवन में आयोजित मालनपुर के उद्योगपतियों की बैठक में कलेक्टर पवन जैन ने प्रशासन और उद्योगों के समन्वय से क्षेत्र के समग्र विकास की रूपरेखा रखी।
मालनपुर को औद्योगिक पहचान दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता
कलेक्टर पवन जैन ने कहा कि मालनपुर को मंडीदीप और पीथमपुर की तरह पहचान दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। औद्योगिक क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचाने के लिए उद्योगपतियों और जिला प्रशासन को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि परिवहन, पार्किंग, सुरक्षा, श्रमिकों और टैक्स से जुड़ी समस्याओं के समाधान में प्रशासन पूरा सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि उद्योगों की जरूरतों के अनुसार कुशल श्रमिक तैयार करना भी प्रशासन की कार्ययोजना का अहम हिस्सा है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे और उद्योगों को आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा।
CSR फंड से सरकारी स्कूलों को बनाया जाएगा स्मार्ट
जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए उद्योगों के CSR फंड के उपयोग की योजना बनाई गई है। इसके तहत अगले शैक्षणिक सत्र से पहले जिले के सभी छह ब्लॉक और जिला मुख्यालय में अधिक छात्र संख्या वाले सरकारी विद्यालयों को चिन्हित किया जाएगा। इन स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाओं को स्मार्ट बनाया जाएगा। उद्योगों के संसाधनों से विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं, आधुनिक शिक्षण व्यवस्था और बेहतर प्रबंधन विकसित किया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि एक वर्ष के भीतर चयनित विद्यालयों को आदर्श स्कूल के रूप में संचालित किया जाए। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ व्यावसायिक शिक्षा का अवसर भी मिलेगा। इससे भविष्य में उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी।
वाश-ऑन-व्हील्स की तर्ज पर सुधरेगी सफाई व्यवस्था
सार्वजनिक स्वच्छता को बेहतर बनाने के लिए भी नई पहल की जाएगी। कलेक्टर ने बताया कि वाश-ऑन-व्हील्स की तर्ज पर आंगनवाड़ियों, विद्यालयों और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई व्यवस्था को व्यवस्थित और प्रभावी बनाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य केवल सफाई व्यवस्था में सुधार करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और आम लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। नई नीति के तहत CSR फंड के उपयोग से जुड़े प्रस्ताव 30 नवंबर तक राज्य शासन को भेजे जाने हैं।
ग्वालियर व्यापार मेले में उत्पादों के प्रदर्शन का न्योता
बैठक में ग्वालियर मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष अशोक जादौन ने मालनपुर के उद्योगपतियों से ग्वालियर व्यापार मेले में शामिल होने और अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि करीब 120 वर्ष पुराना ग्वालियर व्यापार मेला उद्योगों के प्रचार-प्रसार, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए बड़ा मंच है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष मेले में एक करोड़ से अधिक लोग शामिल हुए थे। ऐसे में उद्योग अपने उत्पादों की पहुंच बढ़ाने के लिए इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। जादौन ने मेला प्राधिकरण के सीमित वित्तीय संसाधनों के कारण अधोसंरचना के रखरखाव में आने वाली कठिनाइयों का जिक्र करते हुए उद्योगपतियों से सहयोग मांगा। साथ ही उन्होंने वोकल फॉर लोकल की अवधारणा पर आधारित स्वदेशी मेले और प्रदर्शनियों के आयोजन में उद्योगों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
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बैठक में 30 उद्योगपति और अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में एमपीआईडीसी ग्वालियर-चंबल संभाग की कार्यकारी संचालक अनीशा श्रीवास्तव, महाप्रबंधक ब्रज मरकाम, एसडीएम गोहद विकास कैमोर, एकेवीएन की मैनेजर प्रज्ञा राजपूत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र के करीब 30 उद्योगपति शामिल हुए।
























