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सलवार-सूट में छिपा रखी थी 2.60 किलो सिंथेटिक ड्रग, टोल पर बस रुकते ही दबोचा गया तस्कर

डीआरआइ की कार्रवाई : दिल्ली से इंदौर लाई जा रही थी एम्फेटामाइन की खेप, अंतरराष्ट्रीय ड्रग गिरोह के लिए कैरियर बनकर आया था आरोपी
सलवार-सूट में छिपा रखी थी 2.60 किलो सिंथेटिक ड्रग, टोल पर बस रुकते ही दबोचा गया तस्कर
प्रतीकात्मक चित्र

इंदौर।  डीआरआइ की इंदौर जोनल यूनिट ने सिंथेटिक ड्रग तस्करी के एक और मामले का पर्दाफाश करते हुए 2.60 किलो एम्फेटामाइन के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी दिल्ली से बस के जरिए ड्रग की खेप लेकर इंदौर पहुंच रहा था। उसने पुलिस और जांच एजेंसियों को चकमा देने के लिए ड्रग्स को बेहद शातिराना तरीके से चार सलवार-सूट के भीतर छिपा रखा था।

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डीआरआइ को सूचना मिली थी कि दिल्ली से सिंथेटिक ड्रग की एक खेप इंदौर भेजी जा रही है। सूचना के आधार पर बुधवार देर रात टीम ने इंदौर-देवास बायपास रोड स्थित टोल प्लाजा पर घेराबंदी की। टीम ने बस के टोल चुकाने के लिए रुकने का इंतजार किया। बस रुकते ही अधिकारी उसमें सवार हुए और सूचना में बताए गए हुलिए के आधार पर चुनिंदा यात्रियों की तलाशी शुरू की।

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चार सलवार-सूट के अंदर छिपाए थे पैकेट

तलाशी के दौरान डीआरआइ को आरोपी के सामान पर संदेह हुआ। उसके सूटकेस के भीतर एक लांड्री बैग रखा था। इसमें चार सलवार-कमीज के सेट थे। आरोपित ने इन्हीं कपड़ों के अंदर ड्रग के पैकेट छिपा रखे थे।जांच के दौरान चार पीले रंग के सीलबंद लिफाफे मिले। प्रत्येक लिफाफे के भीतर काले पॉलीबैग रखे थे और इनमें पाउडर भरा हुआ था। डीआरआइ अधिकारियों ने फील्ड टेस्टिंग किट से पाउडर की जांच की तो यह एम्फेटामाइन निकला। इसके बाद पूरी खेप को जब्त कर लिया गया। बरामद ड्रग का कुल वजन 2.60 किलो बताया गया है।

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अंतरराष्ट्रीय गिरोह के लिए कैरियर बनकर कर रहा था काम

डीआरआइ ने गिरफ्तार आरोपी की पहचान संदीप शेनफद मेटे, उम्र 32 वर्ष, निवासी हर्सल, औरंगाबाद जिले के रूप में की है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि वह अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह के लिए कैरियर के तौर पर काम कर रहा था।पूछताछ में आरोपी ने गिरोह से जुड़े कुछ अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी दी है। इसके आधार पर डीआरआइ ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। मामले से जुड़े लोगों की तलाश में कुछ अन्य राज्यों में भी टीमें भेजी गई हैं।

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नशीली दवा बनाने वाली फैक्ट्री का भी पता चला

जांच के दौरान डीआरआइ को उस फैक्ट्री के बारे में भी जानकारी मिली है, जहां कथित तौर पर यह सिंथेटिक ड्रग तैयार की जा रही थी। अधिकारियों को आशंका है कि इस नेटवर्क में नाइजीरिया से जुड़े तस्कर भी शामिल हो सकते हैं। एजेंसी अब ड्रग की सप्लाई चेन, निर्माण स्थल और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।आरोपी को 10 सितंबर को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 24 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

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लगातार सामने आ रही ड्रग की बड़ी खेप

डीआरआइ की कार्रवाई में लगातार सिंथेटिक ड्रग की बरामदगी सामने आ रही है। विभाग के अनुसार, आईएमई से अब तक 690 किलो से अधिक ड्रग्स बरामद की जा चुकी है। इसमें 18.237 किलो मेथामफेटामाइन भी शामिल है। जुलाई-अगस्त के दौरान इंदौर, भोपाल और रतलाम में कार्रवाई के बाद अब इंदौर में एक और बड़ी खेप पकड़ी गई है।

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क्या है एम्फेटामाइन?

एम्फेटामाइन एक शक्तिशाली साइकोट्रॉपिक और नशीला पदार्थ है, जो शरीर के सेंट्रल नर्वस सिस्टम को प्रभावित करता है। इसके सेवन से कुछ समय के लिए अत्यधिक ऊर्जा महसूस होना, नींद कम आना और थकान महसूस न होना जैसे प्रभाव हो सकते हैं। इसी वजह से कुछ युवा इसे एनर्जी बूस्टर समझने की गलती कर बैठते हैं।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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