बांग्लादेश के रास्ते भारत पहुंच रही थी सोने की खेप:डिलीवरी देने आए दो तस्कर गिरफ्तार

इंदौर। बांग्लादेश के रास्ते भारत पहुंचाई जा रही करीब तीन किलो सोने की खेप की इंदौर में डिलीवरी देने आए दो तस्करों को राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआइ) की टीम ने गिरफ्तार किया है। डिलीवरी लेने पहुंचे एक संदिग्ध को भी हिरासत में लिया गया है। कार्रवाई के दौरान तस्करों ने डीआरआइ अधिकारियों पर पत्थरों से हमला कर दिया, जिसमें दो अधिकारी घायल हो गए। महाराष्ट्र नंबर की कार से लाई गई सोने की खेप सीट में छिपाकर रखी गई थी। डीआरआइ ने 11 दिन में सोना तस्करी का यह दूसरा मामला पकड़ा है।
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डीआरआइ को खुफिया सूचना मिली थी कि विदेशी मूल का सोना लेकर दो तस्कर महाराष्ट्र के रास्ते इंदौर पहुंच रहे हैं। टीम ने बायपास से उनका पीछा किया। दोनों तस्कर सी-21 मॉल के पीछे पहुंचे, जहां उन्हें किसी व्यक्ति को सोने की डिलीवरी देना थी। इसी दौरान डीआरआइ ने घेराबंदी कर कार्रवाई शुरू कर दी। तस्करों ने खुद को कार के भीतर बंद कर लिया और अधिकारियों की चेतावनी के बाद भी बाहर नहीं निकले। टीम ने उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने पत्थरों से हमला कर दिया। हमले में डीआरआइ के दो अधिकारी घायल हुए। इसी दौरान तस्करों की कार का शीशा भी टूट गया।
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मौके के पास बुलेट से पहुंचे एक अन्य व्यक्ति ने भागने का प्रयास किया, लेकिन डीआरआइ टीम ने उसे भी पकड़ लिया। आशंका है कि वह सोने की खेप लेने पहुंचा था। कार की तलाशी में सीट के अंदर छिपाकर रखा करीब तीन किलो सोना बरामद हुआ। जांच में सामने आया है कि बरामद सोना बांग्लादेश के रास्ते भारत लाया जा रहा था। डीआरआइ को आशंका है कि इसके पीछे अंतरराज्यीय सोना तस्करी का नेटवर्क सक्रिय है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि खेप किसने भेजी, इंदौर में किसे डिलीवरी दी जानी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
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डीआरआइ को यह भी संदेह है कि इंदौर के कुछ बुलियन कारोबारी विदेश से 99.99 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना टैक्स और ड्यूटी चोरी कर मंगवाने के नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। इसके बाद सोने को प्रदेश के अलग-अलग बाजारों में ज्वैलर्स तक पहुंचाए जाने की आशंका है। पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।













