इंदौर एयरपोर्ट पर यात्री से 2 करोड़ का सोना जब्त, एयर इंडिया एक्सप्रेस कर्मचारी समेत चार गिरफ्तार

इंदौर। डीआरआई की जांच में एयर इंडिया एक्सप्रेस के एक कर्मचारी की भूमिका भी सामने आई है, जिसे हिरासत में लिया गया है। जांच के दौरान सराफा कारोबारी संजय मुंजे और चालक अमन को भी हिरासत में लेकर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी गई हैं। एजेंसी के अनुसार तस्करी के लिए एयरोब्रिज के जरिए कस्टम्स और इमिग्रेशन जांच क्षेत्र को बायपास किया जाता था। अब डीआरआई इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पहले लाई गई खेपों की भी जांच कर रही है।
एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान से हो रही थी तस्करी
डीआरआई के अनुसार कार्रवाई 3 अगस्त को की गई, जब अबूधाबी से इंदौर पहुंची एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट में सीट नंबर 12-सी पर यात्रा कर रहे गोविंद पोरवाल को एयरपोर्ट पर निगरानी के बाद पकड़ा गया। उसके कब्जे से 1.02 किलोग्राम विदेशी मूल का 24 कैरेट सोना बरामद किया गया। जब्त सोने में दो कड़े भी शामिल हैं, जिन पर चांदी जैसी परत चढ़ाकर तस्करी की कोशिश की गई थी। बरामद सोने की कीमत करीब 1.44 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इस कार्रवाई के बाद पूरे नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हुईं।
एयरपोर्ट कर्मचारी, सराफा कारोबारी की भूमिका आई सामने
जांच के दौरान एयर इंडिया एक्सप्रेस के ग्राउंड स्टाफ के एक कर्मचारी को भी हिरासत में लिया गया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर शहर के सराफा कारोबारी संजय मुंजे और कार चालक अमन को भी डीआरआई ने हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि अमन पहले एयर इंडिया में कार्यरत रह चुका है। एजेंसी के अनुसार पूरे नेटवर्क का संचालन सुनियोजित तरीके से किया जा रहा था। मामले में कुछ अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है।
एयरोब्रिज के जरिए कस्टम्स जांच को किया जाता था बायपास
डीआरआई की दो दिन तक चली पूछताछ में खुलासा हुआ कि गोविंद विमान से उतरने के बाद एयरोब्रिज पर एयर इंडिया एक्सप्रेस के कर्मचारी को सोने का पैकेट सौंप देता था। इसके बाद कर्मचारी सीढ़ियों के रास्ते टारमैक पर उतरकर कस्टम्स और इमिग्रेशन जांच क्षेत्र को बायपास करते हुए बाहर निकलता था। बाहर पहले से मौजूद चालक अमन को सोना सौंप दिया जाता था। जांच एजेंसी को इस पूरे घटनाक्रम में कस्टम्स के एक अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध प्रतीत हुई है, जिसकी जांच की जा रही है।
पहले भी लाई जा चुकी हैं सोने की खेप
जांच में सामने आया है कि 15 जुलाई से शुरू हुई इस उड़ान का संचालन सप्ताह में चार दिन होता है और आरोपी पहले भी इसी माध्यम से सोना ला चुके हैं। डीआरआई अब आरोपियों के बैंक खातों, यात्रा रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और अन्य संभावित सहयोगियों की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार एजेंसी को पहले भी इस नेटवर्क की गतिविधियों की जानकारी मिलती रही थी, लेकिन हर बार यात्री के पास से सोना बरामद नहीं होने के कारण कार्रवाई सफल नहीं हो पाती थी। इस बार पूरी निगरानी के बाद एयरोब्रिज पर ही नेटवर्क का भंडाफोड़ कर दिया गया।
पूरे नेटवर्क और पुराने मामलों की जांच जारी
जानकारी के अनुसार सराफा व्यापारी संजय मुंजे ही गोविंद के माध्यम से यह पूरा सोना मंगवाता था। बताया जा रहा है कि यह सोना खुले बाजार में बेचने के बजाय सराफा के दलाल एसोसिएशन के कुछ पदाधिकारियों को ही उपलब्ध कराया जाता था। अमन इस नेटवर्क से कैसे जुड़ा और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका रही, इसकी भी जांच की जा रही है। डीआरआई अब पहले लाई गई सोने की खेपों, अन्य कर्मचारियों की संभावित संलिप्तता और पूरे तस्करी नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है।












