Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

तीन दिन बाद फिर बदला MP का मौसम! 12 जिलों में बारिश का अलर्ट, पश्चिमी हिस्से में बढ़ेगा असर

मध्य प्रदेश में कमजोर पड़ा मानसून अब फिर सक्रिय होता दिख रहा है। शुक्रवार को पूर्वी हिस्से के कई जिलों में तेज बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है। शनिवार से पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश का दायरा बढ़ सकता है। इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में मौसम बदलने की संभावना है, जिससे किसानों और यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह है।
तीन दिन बाद फिर बदला MP का मौसम! 12 जिलों में बारिश का अलर्ट, पश्चिमी हिस्से में बढ़ेगा असर
मध्य प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून

भोपाल। मध्य प्रदेश में तीन दिन तक बारिश की रफ्तार धीमी रहने के बाद मौसम ने फिर करवट ली है। शुक्रवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के कई जिलों में भारी बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र और सक्रिय मानसून ट्रफ बारिश की नई स्थिति बना रहे हैं। शनिवार से इसका असर पश्चिमी मध्य प्रदेश तक पहुंच सकता है।

फिर बदला मौसम, इन इलाकों में सबसे ज्यादा असर

शुक्रवार को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा में बारिश का जोर रह सकता है। इन जिलों में कुछ जगहों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी है।

डांट से नाराज कर्मचारियों ने बना डाली ‘खच्चर कर्मचारी पार्टी’! सोशल मीडिया पर छाया KKP

शनिवार से पश्चिमी में भी बढ़ेगा बारिश का दौर

अभी तक बारिश का ज्यादा असर पूर्वी मध्य प्रदेश में रहा है लेकिन 12 सितंबर से मौसम का असर पश्चिमी हिस्से में भी बढ़ सकता है। इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में बारिश होने की संभावना है। इससे लंबे समय से कम बारिश वाले क्षेत्रों को राहत मिल सकती है।

मानसून ने क्यों बदली चाल?

मौसम में बदलाव की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र बताया जा रहा है। इसके साथ मानसून ट्रफ और पश्चिमी हिस्से में बना चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। इन मौसमी सिस्टम के असर से बादल बनने और बारिश का सिलसिला दोबारा तेज होने की संभावना है।

MP में अभी भी 8% बारिश की कमी

मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से करीब 8 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। 1 जून से 10 सितंबर तक प्रदेश में करीब 795.3 मिलीमीटर पानी गिरा, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 862.5 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में कमी करीब 13 प्रतिशत है, जबकि पूर्वी हिस्से में यह अंतर काफी कम रह गया है।

22 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

प्रदेश के 22 जिलों में इस सीजन में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। इनमें भोपाल, ग्वालियर, गुना, दतिया, खरगोन, राजगढ़, शहडोल, सतना, सीधी, सिंगरौली और उमरिया समेत कई जिले शामिल हैं। वहीं कई पश्चिमी जिलों में अभी बारिश की कमी बनी हुई है।

सलवार-सूट में छिपा रखी थी 2.60 किलो सिंथेटिक ड्रग, टोल पर बस रुकते ही दबोचा गया तस्कर

किसानों और यात्रियों के लिए जरूरी सावधानी

बारिश के दौरान किसानों को खेतों में पानी की निकासी का इंतजाम बनाए रखना चाहिए। गरज-चमक होने पर खुले खेत में काम करने से बचना बेहतर है। वहीं लंबी यात्रा पर निकलने वाले लोग अपने जिले का ताजा मौसम अपडेट देखकर ही रवाना हों। तेज बारिश के दौरान सड़क पर पानी भरने वाले इलाकों में अतिरिक्त सावधानी जरूरी होगी।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी)| एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारियों...Read More

Latest Posts