PU Special :41 हजार गांवों का सर्वे; 68.47 लाख ग्रामीणों को मिलेगा संपत्ति अधिकार, स्वामित्व अभिलेख से नामांतरण और रजिस्ट्री का रास्ता साफ

अशोक गौतम, भोपाल। प्रदेश में ग्रामीण आबादी क्षेत्र की जमीन और मकानों पर वर्षों से काबिज करीब 68.47 लाख लोगों के संपत्ति अधिकार दर्ज किए जा रहे हैं। राज्य सरकार अब इन लोगों को स्वामित्व अभिलेख वितरित करेगी। सर्वे के आधार पर तैयार अधिकार अभिलेखों के अनुसार राजस्व रिकॉर्ड अपडेट करने, नामांतरण और रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी जारी है। इससे आबादी क्षेत्र में रह रहे लोगों को अपनी संपत्ति के संबंध में औपचारिक दस्तावेज मिलने का रास्ता साफ होगा। सरकार पर इस पूरी प्रक्रिया में करीब 4 हजार करोड़ रुपए का वित्तीय भार आने का अनुमान है।
55 जिलों में सर्वे, 68.47 लाख अधिकार अभिलेख
स्वामित्व योजना के डैशबोर्ड के अनुसार प्रदेश के 55 जिलों में करीब 41,586 आबादी गांवों का सर्वे किया गया है। इनमें से 40,855 गांवों में अधिकार अभिलेख जारी किए जा चुके हैं। सर्वे के आधार पर कुल 68.47 लाख अधिकार अभिलेख तैयार किए गए हैं। अब इन अभिलेखों के आधार पर राजस्व रिकॉर्ड में संबंधित लोगों के अधिकार दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।
संपत्ति बेचने और ऋण लेने का रास्ता
स्वामित्व अभिलेख मिलने के बाद संबंधित व्यक्ति अपनी संपत्ति के संबंध में उपलब्ध कानूनी दस्तावेजों के आधार पर उसके हस्तांतरण, नामांतरण और पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। संपत्ति को बैंक में गिरवी रखकर ऋण लेने की सुविधा भी मिलने की उम्मीद है। हालांकि इसके लिए संबंधित बैंक और लागू पंजीयन-राजस्व नियमों के अनुसार प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
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विवाद कम करने में मदद
ड्रोन सर्वे और जीआईएस मैपिंग से संपत्तियों की सीमाएं स्पष्ट होने से जमीन और मकानों से जुड़े विवादों में कमी आने की उम्मीद है। डिजिटल नक्शों के आधार पर ग्राम पंचायतों को विकास और आधारभूत सुविधाओं की योजनाएं तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
योजना की मुख्य विशेषताएं
- ड्रोन तकनीक से ग्रामीण आबादी क्षेत्र का सर्वे।
- जीआईएस मैपिंग से संपत्तियों की सीमाओं का निर्धारण।
- ग्रामीणों को प्रॉपर्टी कार्ड और अधिकार अभिलेख।
- राजस्व रिकॉर्ड में संपत्ति अधिकार दर्ज करने की प्रक्रिया।
- नामांतरण और पंजीयन की सुविधा।
- संपत्ति के आधार पर बैंक ऋण लेने का रास्ता।
- संपत्ति संबंधी विवादों में कमी।
- डिजिटल नक्शों से ग्राम विकास की बेहतर योजना।
अधिकार पत्र तैयार किए गए हैं, वितरण भी शुरू
“स्वामित्व योजना के तहत सर्वे में जिन लोगों को संपत्ति पर काबिज पाया गया, उनके अधिकार पत्र तैयार किए गए हैं। कुछ का वितरण भी किया गया है। अब उन्हें स्वामित्व अभिलेख दिए जा रहे हैं। इसके आधार पर लोग अपनी संपत्ति के संबंध में नियमानुसार हस्तांतरण कर सकेंगे और बैंक में गिरवी रखकर ऋण लेने की सुविधा भी मिल सकेगी।”
-ई.रमेश कुमार, प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग
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मौजूदा प्रमाण पत्र बैंक स्वीकार नहीं कर रहे
स्वामित्व योजना के तहत मिला मौजूदा प्रमाण पत्र बैंक स्वीकार नहीं कर रहे हैं और उससे ऋण भी नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि अधिकारियों ने अलग से ऐसा प्रमाण पत्र दिए जाने की बात कही है, जिसमें फोटो भी होगी। इससे स्पष्ट है कि स्वामित्व अभिलेख जारी होने के बाद उसके आधार पर बैंक ऋण की वास्तविक सुविधा कितनी प्रभावी होगी, यह भी महत्वपूर्ण पहलू रहेगा।
-प्रभात वर्मा, हितग्राही, शहडोल




















