पेंसिल की नोक पर विराजे गणपति! इतनी छोटी गणेश प्रतिमा देखकर आप भी रह जाएंगे हैरान

गणेश उत्सव के बीच सूरत से भगवान गणेश की भक्ति और कला का ऐसा अनोखा संगम सामने आया है, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया है। यहां एक कलाकार ने पेंसिल की नोक पर गणेश प्रतिमा तैयार की है। इतनी छोटी प्रतिमा को देखकर लोग भी हैरान हैं और कलाकार की बारीकी से की गई कारीगरी की चर्चा हो रही है।
सिर्फ 6 मिलीमीटर की है गणेश प्रतिमा
सूरत के रहने वाले कलाकार पटेल मयंक दिनेशभाई ने पेंसिल की नोक पर भगवान गणेश की प्रतिमा तैयार की है। इस प्रतिमा का आकार सिर्फ 6 मिलीमीटर बताया गया है। इतने छोटे आकार में गणेश जी की आकृति को तराशना अपने आप में बेहद चुनौतीपूर्ण काम है। पेंसिल की नोक पर थोड़ी सी भी गलती पूरी कलाकृति को खराब कर सकती थी। इसलिए मयंक ने बेहद सावधानी और एकाग्रता के साथ इस मूर्ति को तैयार किया। प्रतिमा इतनी छोटी है कि उसे सामान्य नजर से देखना भी मुश्किल हो सकता है। यही वजह है कि इस कलाकृति को देखने वाले लोग कलाकार की बारीकी और धैर्य की चर्चा कर रहे हैं।
गणेश विसर्जन झांकी को लेकर रायपुर में बवाल, सदर बाजार से रास्ता बदलने की मांग
दो साल पहले आया था माइक्रो आर्ट का आइडिया
मयंक पटेल ने बताया कि पेंसिल की नोक पर गणेश प्रतिमा बनाने का विचार उन्हें अचानक नहीं आया था। करीब दो साल पहले उन्होंने पेंसिल की नोक पर अपने नाम के अक्षर उकेरने का एक छोटा सा प्रयोग किया था। इस प्रयोग के बाद उनके मन में सवाल आया कि अगर पेंसिल की नोक पर अक्षर बनाए जा सकते हैं, तो क्या इसी तरह भगवान गणेश की छोटी प्रतिमा भी बनाई जा सकती है? इसी विचार के बाद उन्होंने गणेश प्रतिमा बनाने की कोशिश शुरू की। कई प्रयासों के बाद आखिरकार वह इस अनोखी कलाकृति को तैयार करने में सफल हुए।
5 दिन तक लगातार किया बारीक काम
6 मिलीमीटर की गणेश प्रतिमा तैयार करने में मयंक को करीब 5 दिन का समय लगा। इस दौरान उन्हें बेहद धैर्य और एकाग्रता के साथ काम करना पड़ा। माइक्रो आर्ट में छोटी से छोटी चीज को आकार देना होता है। ऐसे में हाथ का थोड़ा सा भी हिलना या दबाव ज्यादा पड़ना पूरी कलाकृति को नुकसान पहुंचा सकता है। मयंक के मुताबिक, इस काम के लिए उन्हें काफी ध्यान और एकाग्रता की जरूरत थी। कई घंटों तक लगातार बारीक नक्काशी करने के बाद उन्होंने भगवान गणेश की यह छोटी प्रतिमा तैयार की।
भोपाल में डोल ग्यारस पर निकलेगा गणेश विसर्जन चल समारोह, 100 से ज्यादा प्रतिमाएं होंगी शामिल
बड़ी मूर्तियों के बीच छोटी प्रतिमा बनी खास
गणेशोत्सव के दौरान आमतौर पर बड़ी-बड़ी गणेश प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र रहती हैं। कई जगहों पर विशाल पंडाल और ऊंची प्रतिमाएं तैयार की जाती हैं। लेकिन सूरत के मयंक पटेल ने इसके बिल्कुल अलग तरीके से लोगों का ध्यान खींचा है। उन्होंने भगवान गणेश की सिर्फ 6 मिलीमीटर की प्रतिमा बनाकर दिखाया कि कला के लिए आकार नहीं, बल्कि हुनर और मेहनत मायने रखती है। उनकी यह कलाकृति सोशल मीडिया पर भी लोगों के बीच चर्चा में है। लोग पेंसिल की इतनी छोटी नोक पर गणेश प्रतिमा तैयार करने की कला देखकर हैरानी जता रहे हैं।
पूजा के बाद पूरी पेंसिल का होगा विसर्जन
मयंक पटेल ने इस कलाकृति को गणेशोत्सव की परंपरा से भी जोड़ने का फैसला किया है। पूजा-अर्चना पूरी करने के बाद वह पूरी पेंसिल को पानी में विसर्जित करेंगे। यानी जिस पेंसिल की नोक पर भगवान गणेश की यह छोटी प्रतिमा तैयार की गई है, उसी पेंसिल का विसर्जन किया जाएगा। कलाकार के लिए यह सिर्फ एक कलाकृति नहीं, बल्कि आस्था और कला का मेल भी है।
सीहोर: हनुमान मंदिर के शिखर पर गिरी आसमानी बिजली, बजरंगबली की कृपा से दर्जनों भक्त बाल-बाल बचे
कला और भक्ति का अनोखा संगम
मयंक पटेल की 6 मिलीमीटर की गणेश प्रतिमा यह दिखाती है कि भक्ति को व्यक्त करने के तरीके अलग-अलग हो सकते हैं। किसी ने बड़ी प्रतिमा बनाकर अपनी कला दिखाई, तो मयंक ने पेंसिल की नोक जैसे बेहद छोटे स्थान पर गणेश जी को आकार दिया। पांच दिनों की मेहनत, बेहद बारीक नक्काशी और गहरी एकाग्रता से तैयार यह 6 मिलीमीटर की गणेश प्रतिमा अब सूरत की अनोखी माइक्रो आर्ट के तौर पर चर्चा में है। गणेशोत्सव के बीच कलाकार की इस छोटी लेकिन खास कलाकृति ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।



















