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फांसी की सजा सुनते ही कुलदीप साहू के रिएक्शन,जेल अधीक्षक बोले- वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिखा डर

दूसरे मामले में सजा के बाद मुस्कुराता दिखा था आरोपी, मां-बेटी हत्याकांड में मृत्युदंड सुनते ही चेहरे पर तनाव नजर आने का दावा। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मुख्य दोषी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। चौथे दोषी आर्यन विश्वकर्मा को मृत्यु तक आजीवन कारावास दिया गया। फैसला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनाया गया।
फांसी की सजा सुनते ही कुलदीप साहू के रिएक्शन,जेल अधीक्षक बोले- वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिखा डर

रायपुर /सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर के चर्चित मां-बेटी हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट के मृत्युदंड संबंधी फैसले के बाद मुख्य दोषी कुलदीप साहू की प्रतिक्रिया चर्चा में है। जेल अधीक्षक के मुताबिक, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उसके हावभाव सामान्य नहीं थे और चेहरे पर डर नजर आ रहा था। अदालत ने कुलदीप समेत तीन दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है, जबकि चौथे दोषी आर्यन विश्वकर्मा को मृत्यु तक आजीवन कारावास दिया गया है। अब कुलदीप को रायपुर केंद्रीय जेल भेजने की प्रक्रिया पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

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फांसी की सजा सुनते ही चर्चा में आया कुलदीप का रिएक्शन

सूरजपुर के बहुचर्चित मां-बेटी हत्याकांड में गुरुवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सजा का ऐलान किया। अदालत ने मुख्य दोषी कुलदीप साहू समेत तीन आरोपियों को मृत्युदंड सुनाया, जबकि चौथे दोषी आर्यन विश्वकर्मा को मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा दी।  फैसला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनाया गया। सजा के दौरान कुलदीप के चेहरे पर तनाव और डर नजर आने की बात सामने आई है। जेल प्रशासन के अनुसार, अदालत का फैसला सुनने के बाद उसकी प्रतिक्रिया सामान्य नहीं थी।

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पहले मुस्कुराता दिखा था कुलदीप, अब चेहरे पर तनाव की चर्चा

कुछ दिन पहले एक अन्य मामले में 10 साल की सजा सुनाए जाने के बाद कुलदीप साहू का कोर्ट से बाहर निकलते समय मुस्कुराने का वीडियो सामने आया था। अब मां-बेटी हत्याकांड में मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के दौरान उसके हावभाव को लेकर चर्चा हो रही है। हालांकि, उसके चेहरे के भावों को लेकर सामने आई जानकारी जेल प्रशासन के बयान पर आधारित है। इसे आरोपी की मनोदशा का स्वतंत्र प्रमाण नहीं माना जा सकता।

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रायपुर केंद्रीय जेल शिफ्ट करने की तैयारी

अंबिकापुर केंद्रीय जेल के अधीक्षक अक्षय सिंह राजपूत के मुताबिक, कुलदीप साहू को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत का फैसला सुनाया गया। उन्होंने बताया कि मृत्युदंड से संबंधित आगे की प्रक्रिया के लिए रायपुर केंद्रीय जेल में उपलब्ध सुविधाओं को देखते हुए न्यायालय के निर्देशानुसार उसे वहां भेजने की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जेल में उसकी सुरक्षा और निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मृत्युदंड के फैसले के बाद आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

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29 सितंबर को दोषी ठहराए गए थे चारों आरोपी

फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 29 सितंबर को कुलदीप साहू समेत चारों आरोपियों को हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट से जुड़े अपराधों में दोषी ठहराया था। इसके बाद अदालत ने सजा सुनाने के लिए 8 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की थी। निर्धारित तारीख पर तीन दोषियों को मृत्युदंड और आर्यन विश्वकर्मा को मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। मृत्युदंड के मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।

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13 अक्टूबर 2024 को हुई थी मां-बेटी की हत्या

यह मामला 13 अक्टूबर 2024 का है। सूरजपुर थाने में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक की पत्नी और उनकी 11 वर्षीय बेटी की हत्या कर दी गई थी। आरोपों के मुताबिक, महिला के साथ दुष्कर्म के बाद मां-बेटी की हत्या की गई और दोनों के शव घर से करीब पांच किलोमीटर दूर फेंक दिए गए थे। जांच में बच्ची के शरीर पर चाकू से 28 और उसकी मां के शरीर पर 33 वार किए जाने की बात सामने आई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विभिन्न वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए।

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फिंगरप्रिंट और DNA जांच से मिले अहम सुराग

जांच के दौरान फिंगरप्रिंट, कपड़ों पर मिले खून के नमूने और डीएनए जांच को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना गया। इन साक्ष्यों सहित मामले में प्रस्तुत अन्य सामग्री के आधार पर अदालत में सुनवाई चली। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए अलग-अलग सजा सुनाई। यह फैसला मामले की न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण पड़ाव है।

PREM

मै प्रेम निर्मलकर मैने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से की, विगत 18 वर्षों से मुझे पत...

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