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बंगाल SIR पर सुप्रीम कोर्ट सख्त! ट्रिब्यूनल की रफ्तार पर उठे सवाल, ECI से मांगा पूरा हिसाब

पश्चिम बंगाल में SIR से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहे अपीलीय ट्रिब्यूनलों के कामकाज पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने चुनाव आयोग से अब तक निपटाए गए मामलों की संख्या बताने को कहा है। अधीर रंजन चौधरी की याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि केवल अपील दाखिल होना काफी नहीं है, उसका समय पर निपटारा भी जरूरी है।
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बंगाल SIR पर सुप्रीम कोर्ट सख्त! ट्रिब्यूनल की रफ्तार पर उठे सवाल, ECI से मांगा पूरा हिसाब
SIR मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट से जुड़े SIR मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपीलीय ट्रिब्यूनलों के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने चुनाव आयोग से पूछा कि अब तक कितनी अपीलों का फैसला हुआ है। अदालत ने साफ किया कि सिर्फ मामलों का दाखिल होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके निपटारे की रफ्तार भी देखना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को ट्रिब्यूनलों के कामकाज से जुड़ा आंकड़ा देने को कहा है। मामले पर अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी।

ट्रिब्यूनलों की रफ्तार पर सुप्रीम कोर्ट की नजर

SIR के दौरान वोटर लिस्ट से जुड़े जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें अपील का मौका देने के लिए ट्रिब्यूनल बनाए गए हैं। अब सुप्रीम कोर्ट इन संस्थाओं के काम की स्थिति को देख रहा है। सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने जोर दिया कि अदालत के सामने यह साफ होना चाहिए कि कितने मामले आए और उनमें से कितनों का फैसला हो चुका है।

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ECI से मांगा मामलों के निपटारे का आंकड़ा

अदालत ने चुनाव आयोग से ट्रिब्यूनलों में लंबित और निपटाए गए मामलों की जानकारी पेश करने को कहा है। आयोग की ओर से पेश वकील ने आंकड़े उपलब्ध कराने की बात कही। कोर्ट का जोर इस बात पर है कि ट्रिब्यूनलों की वास्तविक स्थिति आंकड़ों से सामने आए और यह पता चले कि लोगों की अपीलों पर कितनी तेजी से कार्रवाई हो रही है।

अधीर रंजन चौधरी ने उठाया था मुद्दा

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर SIR से जुड़े मामलों की सुनवाई तेज करने की मांग की थी। उनका कहना है कि अपीलीय ट्रिब्यूनलों में मामलों के निपटारे की गति पर ध्यान देने की जरूरत है। मंगलवार की सुनवाई में अदालत ने इस मांग के संदर्भ में ECI से विस्तृत जानकारी मांगी।

कोर्ट ने कहा, सिर्फ अपील दाखिल करना काफी नहीं

सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने साफ किया कि किसी व्यक्ति के अपील करने भर से तस्वीर पूरी नहीं होती। यह भी देखना जरूरी है कि उस अपील का क्या हुआ। अदालत अब ट्रिब्यूनलों के कामकाज का आकलन उनके निपटारे के आंकड़ों के आधार पर करना चाहती है। इससे लंबित मामलों और सुनवाई की गति की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

राशन से जुड़ा मामला अलग

सुनवाई में SIR के कारण वोटर लिस्ट से नाम हटने और राशन मिलने के मुद्दे का भी जिक्र हुआ। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी राशन से जुड़ी शिकायत को अलग मामले के तौर पर कलकत्ता हाईकोर्ट के सामने उठाया जाना चाहिए। इस तरह अदालत ने फिलहाल SIR ट्रिब्यूनलों की कार्यप्रणाली और अपीलों के निपटारे को मुख्य मुद्दा रखा।

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25 अगस्त को फिर होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने मामले को 25 अगस्त के लिए सूचीबद्ध किया है। तब चुनाव आयोग की ओर से ट्रिब्यूनलों में निपटाए गए मामलों का आंकड़ा सामने रखा जाएगा। अदालत इसी जानकारी के आधार पर आगे की स्थिति पर विचार करेगी। फिलहाल कोर्ट ने ट्रिब्यूनलों के लिए कोई तय समयसीमा निर्धारित नहीं की है, लेकिन उनके कामकाज की निगरानी करने पर सहमति जताई है। 

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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