पहले डोप टेस्ट, अब तकनीकी खराबी! एअर इंडिया फ्लाइट की जांच में सामने आईं कई तकनीकी खामियां

फुकेट से दिल्ली आ रही Air India की A320 फ्लाइट AI2379 में 4 अगस्त को हुई गंभीर टर्बुलेंस की घटना को लेकर जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नई जानकारियां सामने आ रही हैं। पहले फ्लाइट के एक पायलट के कथित तौर पर डोप टेस्ट में पॉजिटिव आने की खबर सामने आई और अब विमान में तकनीकी गड़बड़ियों की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, उड़ान के दौरान विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम में तीन बार खराबी आई और ऑटो पायलट भी डिस्कनेक्ट हो गया था। इसके बाद को-पायलट ने मैनुअल तरीके से विमान का कंट्रोल संभाला।
अचानक 300 फीट नीचे आया विमान
जानकारी के मुताबिक, फ्लाइट के दौरान विमान को करीब पांच मिनट तक तेज झटकों का सामना करना पड़ा। इसी दौरान विमान के कई इंडिकेटर स्विच कुछ समय के लिए बंद हो गए थे। टर्बुलेंस और तकनीकी गड़बड़ियों के बीच विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गया। इस घटना के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। विमान के ऑटो पायलट के डिस्कनेक्ट होने के तुरंत बाद को-पायलट ने मैनुअल तरीके से विमान को संभाला। अब जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ऑटो पायलट, फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम और हाइड्रोलिक सिस्टम में आई खराबियों के बीच कोई संबंध था या नहीं।
विमान में 137 यात्री थे, 17 लोग घायल
फ्लाइट AI2379 में कुल 137 यात्री सवार थे। इनमें तीन छोटे बच्चे भी शामिल थे। विमान में दो पायलट और छह केबिन क्रू सदस्य भी मौजूद थे। घटना के दौरान कुल 17 लोग घायल हुए। इनमें 13 यात्री और चार क्रू मेंबर शामिल थे। चोट लगने के बाद सभी को अस्पताल ले जाना पड़ा। नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने भी बताया था कि विमान को करीब पांच मिनट तक तेज झटकों का सामना करना पड़ा। कुछ क्रू मेंबर्स को गर्दन और रीढ़ में चोट आई थी और उन्हें इलाज की जरूरत पड़ी।
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यात्रियों ने बताया डरावना अनुभव
इस घटना के बाद कुछ यात्रियों ने अपने अनुभव भी साझा किए। एक यात्री ने बताया कि जैसे ही विमान अचानक नीचे आने लगा, उसने अपने पोते को पकड़कर तुरंत उसकी सीट बेल्ट बांध दी। इस दौरान यात्री को पसलियों में चोट लग गई। वहीं, एक छोटे बच्चे के विमान के पिछले हिस्से की ओर उछलने की जानकारी भी सामने आई है। तेज टर्बुलेंस के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
क्या होता है विमान का Hydraulic System?
हाइड्रोलिक सिस्टम विमान के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। यह विमान के कई जरूरी हिस्सों, खासकर फ्लाइट कंट्रोल से जुड़े सिस्टम को चलाने में मदद करता है। ऐसे में जांचकर्ताओं के लिए यह पता लगाना अहम है कि विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम में तीन बार आई खराबी किस वजह से हुई और क्या इसका संबंध ऑटो पायलट के डिस्कनेक्ट होने या विमान के अचानक नीचे आने से था।
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AAIB कर रहा पूरे मामले की जांच
नागर विमानन महानिदेशालय यानी DGCA ने इस घटना को गंभीर घटना की श्रेणी में रखा है। मामले की जांच एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो यानी AAIB कर रहा है। जांच अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन यानी ICAO के नियमों के तहत की जा रही है। जांच टीम विमान के तकनीकी सिस्टम, फ्लाइट डेटा और कॉकपिट में हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग की जांच करेगी। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि विमान अचानक नीचे क्यों आया और तकनीकी गड़बड़ियां किस क्रम में हुईं।
फ्रांस की BEA और Airbus की टीमें भी जांच में शामिल होंगी
विमान A320 का निर्माण फ्रांस में होता है। इसलिए फ्रांस की विमान दुर्घटना जांच एजेंसी BEA की टीम और Airbus के विशेषज्ञ भी जांच में सहयोग करेंगे। दोनों की टीमें मंगलवार, 11 अगस्त को भारत पहुंच सकती हैं। Airbus ने कहा है कि ICAO के अनुबंध 13 के तहत वह जांच अधिकारियों को तकनीकी सहायता दे रही है। कंपनी एयरलाइन को भी सहयोग कर रही है और जांच में मदद के लिए विशेषज्ञों की टीम भेज रही है।
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पायलट के डोप टेस्ट को लेकर भी विवाद
इस घटना के बाद फ्लाइट के दोनों पायलटों का पोस्ट-फ्लाइट ड्रग स्क्रीनिंग टेस्ट कराया गया था। एक दिन पहले ऐसी रिपोर्ट सामने आई कि दोनों में से एक पायलट का डोप टेस्ट पॉजिटिव आया है। सूत्रों के मुताबिक, जांच पूरी होने तक दोनों पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया गया है। हालांकि Air India ने पायलट के डोप टेस्ट में फेल होने की खबर की न तो पुष्टि की है और न ही इसका खंडन किया है। एयरलाइन का कहना है कि तय प्रोटोकॉल के तहत दोनों पायलटों का ड्रग स्क्रीनिंग टेस्ट कराया गया था, लेकिन टेस्ट की रिपोर्ट अभी Air India के साथ साझा नहीं की गई है। इसलिए एयरलाइन फिलहाल इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकती। Air India ने यह भी कहा कि नागरिक विमानन नियमों के तहत उसके क्रू मेंबर्स का नियमित ड्रग टेस्ट होता है। ये टेस्ट किसी खास फ्लाइट या घटना से अलग भी नियमित प्रक्रिया के तहत किए जाते हैं।
अब जांच का सबसे बड़ा सवाल क्या है?
फिलहाल जांचकर्ताओं का ध्यान कई तकनीकी पहलुओं पर है। इनमें ऑटो पायलट का डिस्कनेक्ट होना, फ्लाइट-कंट्रोल चेतावनी, हाइड्रोलिक सिस्टम में आई खराबी और अन्य तकनीकी समस्याएं शामिल हैं। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन सभी घटनाओं के बीच क्या कोई सीधा संबंध था। साथ ही यह भी जांचा जाएगा कि विमान की ऊंचाई अचानक कम होने के पीछे असली वजह क्या थी। AAIB की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि फ्लाइट में आखिर क्या हुआ और विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे क्यों आया।












