Naresh Bhagoria
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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बच्चे की कस्टडी से जुड़े एक अनोखे मामले में रूसी महिला विक्टोरिया बसु के लिए लुकआउट नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। महिला 7 जुलाई से अपने 5 वर्षीय बेटे के साथ लापता है। कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली पुलिस को मां-बेटे को ढूंढने और बच्चे को पिता सैकत बसु को सौंपने का निर्देश दिया। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि महिला देश नहीं छोड़ सके, कार्रवाई शीघ्र हो।
यह मामला भारतीय मूल के इंजीनियर सैकत बसु और रूसी नागरिक विक्टोरिया बसु से जुड़ा है। दोनों की पहली मुलाकात चीन में एक सॉफ्टवेयर कंपनी में हुई थी। वहीं से शुरू हुए रिश्ते ने भारत में आकर 2017 में शादी का रूप लिया। साल 2020 में दोनों को एक बेटा हुआ, लेकिन कुछ वर्षों बाद दोनों के रिश्ते में दरार आ गई और मामला दिल्ली के साकेत स्थित फैमिली कोर्ट में तलाक तक जा पहुंचा।
सुप्रीम कोर्ट को दी गई जानकारी के अनुसार, दोनों के बीच बेटे की जॉइंट कस्टडी को लेकर एक समझौता हुआ था, जिसके तहत बेटा हफ्ते में तीन दिन मां के पास और बाकी दिन पिता के पास रहता था। लेकिन 22 मई के बाद से सैकत को अपने बेटे की झलक तक नहीं मिली। बताया गया कि 7 जुलाई से विक्टोरिया और बच्चा दोनों लापता हैं, उनका फोन बंद है और उनका पता नहीं चल रहा।
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को लुकआउट नोटिस जारी करने का आदेश दिया। साथ ही कोर्ट ने कहा कि विक्टोरिया किसी भी कीमत पर देश से बाहर न जाए। कोर्ट ने विक्टोरिया का पासपोर्ट जब्त करने और दिल्ली एयरपोर्ट समेत सभी संभावित मार्गों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
सैकत का दावा है कि 4 जुलाई को विक्टोरिया को दिल्ली स्थित रूसी दूतावास के पिछले दरवाजे से एक रूसी राजनयिक के साथ अंदर जाते हुए देखा गया था। साथ में उनका सामान भी था। कोर्ट ने इस पर भी सख्त रुख अपनाया और आदेश दिया कि यदि रूसी दूतावास या कोई राजनयिक महिला को छिपाने या भगाने में शामिल पाए जाते हैं, तो उन पर भी कार्रवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने विदेश मंत्रालय से रूसी राजनयिक के आवास की तलाशी के लिए दूतावास से अनुमति लेने का भी निर्देश दिया।
सैकत के परिवार को संदेह है कि विक्टोरिया केवल शादी के बहाने भारत आई थी और उसका मकसद कुछ और था। बताया गया कि विक्टोरिया अक्सर कोलकाता स्थित पूर्वी सेना कमान (फोर्ट विलियम) जाने की जिद करती थी। वहीं, विक्टोरिया के पिता रूस की खुफिया एजेंसी FSB के रिटायर्ड अधिकारी हैं। परिवार को संदेह है कि वह भारत में जासूसी करके वापस रूस लौटना चाहती थी।
विक्टोरिया के वकील ने कोर्ट में कहा कि उन्हें महिला की लोकेशन की जानकारी नहीं है, लेकिन जस्टिस सूर्यकांत ने इस पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “आप लोग सब कुछ जानते हैं… क्या आपको लगता है कि आप कोर्ट के साथ खेल सकते हैं? अब हम वकीलों से भी जवाब तलब करेंगे।”
इस मामले ने अब केवल एक पारिवारिक विवाद से आगे बढ़कर कूटनीतिक और सुरक्षा स्तर पर भी ध्यान खींचा है। इसमें जासूसी, अंतरराष्ट्रीय संबंध और संवेदनशील सुरक्षा स्थलों की जानकारी जैसे कई पहलू शामिल हो गए हैं।