दिल्ली-एनसीआर में हट सकता है पटाखों पर बैन, सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों की बिक्री शुरू करने संबंधी याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
पटाखों को लेकर अपनाए संतुलित रवैया : एसजी
इससे पहले सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता इस मामले में टिप्पणी कर चुके हैं। उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया था कि पटाखों को लेकर एक संतुलित रवैया अपनाया जाए। वहीं, दिल्ली-एनसीआर के लिए सुप्रीम कोर्ट को सुझाव दिया कि दिवाली पर ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति दी जाए। साथ ही लोगों को दो घंटे के लिए पटाखें चलाने की छूट मिले।
2024 में AQI 400 पार
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने कोर्ट को जानकारी दी कि पिछले साल दीपावली पर वायु गुणवत्ता सूचकांक AQI 400 के पार पहुंच गया था। पर्यावरण रक्षक जहां पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग कर रहे हैं, वहीं व्यापारी संगठन इसे आजीविका से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं।
ग्रीन पटाखों को ब्रिकी की सिफारिश
सुनवाई के दौरान एसजी तुषार मेहता ने ग्रीन पटाखों की बिक्री की सिफारिश करते हुए सुप्रीम कोर्ट को कई सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि नेशनल एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (NEERI) और पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (PESO) की ओर से प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति दी जानी चाहिए।
8 से 10 बजे तक की मिल सकती है अनुमति
दिल्ली सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट को सुझाव दिया कि पटाखों के मामले में संतुलित दृष्टिकोण अपनाया जाए। सरकार ने दिवाली, गुरुपर्व और क्रिसमस जैसे त्योहारों पर ग्रीन पटाखों की अनुमति देने की सिफारिश की। साथ ही सुझाव दिया कि कोर्ट चाहे तो दिवाली पर रात 8 से 10 बजे तक ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दे सकता है।
लड़ी वाले पटाखों पर प्रतिबंध जारी
इसके अलावा, दिल्ली सरकार ने यह भी कहा कि लड़ी वाले पटाखों के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध जारी रहना चाहिए। साथ ही (PESO) और (NEERI) को पटाखों के निर्माण स्थलों की नियमित जांच करनी चाहिए, ताकि केवल मान्य फार्मूले पर आधारित ग्रीन पटाखों का ही उत्पादन हो।












