नई दिल्ली। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी भारत दौरे पर है। वे आठ दिन के लिए भारत आए है। इस दौरान दोनों देश राजनीतिक, आर्थिक समेत कई विषय पर चर्चा करेंगे। शुक्रवार को विदेश मंत्री एस. जयशकंर और अमीर खान मुत्ताकी के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। चर्चा के दौरान दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
करीब 4 साल बाद अफिगानिस्तान के मंत्री भारत आए है। यह दौरा 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद पहला उच्चस्तरीय दौरा है। बैठक के दौरान अफगान विदेश मंत्री मुत्ताकी ने कहा कि 'हाल ही में अफगानिस्तान में आए भूकंप के समय भारत ने सबसे पहले प्रतिक्रिया दी थी। अफगानिस्तान भारत को एक करीबी मित्र मानता है। वह आपसी सम्मान, व्यापार और जनसंपर्क पर आधारित संबंधों को प्राथमिकता देता है। हम एक ऐसा परामर्श तंत्र स्थापित करने के लिए तैयार हैं जो हमारी आपसी समझ को बढ़ाए और संबंधों को मजबूत बनाए।'
मुत्ताकी ने कहा कि 'दिल्ली आकर उन्हें खुशी हुई और इस यात्रा से भारत-अफगानिस्तान के बीच आपसी समझ में इजाफा होगा। दोनों देशों को आपसी संपर्क और संवाद को और बढ़ावा देना चाहिए। साथ ही, अफगानिस्तान किसी भी समूह को अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी अन्य देश के खिलाफ करने की अनुमति नहीं देगा।'
भारत ने काबुल स्थित अपने तकनीकी मिशन को अब दूतावास का दर्जा देने की घोषणा की है, जिसे दोनों देशों के लिए एक महत्वपूर्ण राजनयिक पहल माना जा रहा है। इस अवसर पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, 'मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि काबुल में भारत का तकनीकी मिशन अब भारतीय दूतावास के स्तर पर कार्य करेगा।'