Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

सोशल मीडिया और समझाइश से बदली तस्वीर: वृद्धाश्रम छोड़ 69 बुजुर्ग लौटे अपने घर, अब मिल रहा ज्यादा सम्मान

सोशल मीडिया और समझाइश से एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। 69 बुजुर्गों ने वृद्धाश्रम छोड़ अपने घरों की ओर वापसी की है जहां अब उन्हें पहले से कहीं अधिक मान-सम्मान मिल रहा है।
Follow on Google News
वृद्धाश्रम छोड़ 69 बुजुर्ग लौटे अपने घर, अब मिल रहा ज्यादा सम्मान

पल्लवी वाघेला, भोपाल। प्रदेश के चार बड़े शहरों से बुजुर्गों को लेकर एक सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। वृद्धाश्रमों में रहने वाले 69 बुजुर्ग दोबारा अपने घर लौटे हैं। इनमें सबसे ज्यादा 22 मामले इंदौर, 21 भोपाल, 17 जबलपुर और 9 ग्वालियर से सामने आए हैं। वृद्धाश्रम प्रबंधन के मुताबिक सोशल मीडिया, काउंसलिंग और सामाजिक दबाव ने परिवारों को फिर से अपने बुजुर्गों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। फॉलोअप में बुजुर्ग बोले- अब पहले से ज्यादा सम्मान मिलता है वृद्धाश्रमों द्वारा घर लौटे बुजुर्गों का फॉलोअप भी किया गया। इस दौरान कई बुजुर्गों ने बताया कि अब परिवार में उन्हें पहले से ज्यादा सम्मान और अपनापन मिल रहा है। प्रबंधकों के अनुसार परिवार से दोबारा मिलने के बाद की गई काउंसलिंग भी रिश्तों को सुधारने में काफी असरदार साबित हुई।

38 बुजुर्ग गुस्से में छोड़ गए थे घर

सामने आए मामलों में 38 ऐसे बुजुर्ग थे जो किसी विवाद या नाराजगी के बाद खुद ही घर छोड़कर निकल गए थे। जबकि बाकी मामलों में परिवार ने अलग-अलग कारणों से उन्हें छोड़ दिया था।

केस-1: सोशल मीडिया से बेटे तक पहुंची मां

भोपाल में एक बुजुर्ग महिला तीन महीने बाद अपने घर लौट सकीं। वृद्धाश्रम से जुड़ी ‘बाल चौपाल’ पहल के तहत बच्चों ने महिला की तस्वीर सोशल मीडिया ग्रुप्स में शेयर करवाई। इसी दौरान महाराष्ट्र से जुड़े एक ग्रुप में महिला की पहचान हो गई। बताया गया कि बेटे ने ही उन्हें घर से निकाला था लेकिन बाद में काउंसलिंग के बाद उसे अपनी गलती का एहसास हुआ और वह मां को वापस घर ले गया।

केस-2: DSP की पोस्ट ने 40 साल बाद मिलाया पिता-पुत्र को

एक अन्य मामले में सोशल मीडिया पोस्ट चार दशक बाद बिछड़े पिता-पुत्र के मिलन की वजह बनी। एक DSP अपनी पत्नी का जन्मदिन मनाने वृद्धाश्रम पहुंचे थे। वहां उनकी मुलाकात एक बुजुर्ग से हुई। DSP ने बुजुर्ग की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की। पोस्ट देखने के बाद बैतूल में रहने वाले बेटे ने संपर्क किया। बेटे ने बताया कि जब पिता मानसिक रूप से परेशान होकर घर से निकले थे तब वह सिर्फ दो साल का था और परिवार उन्हें मृत मान चुका था।

ये भी पढ़ें: अफ्रीका में फिर लौटा इबोला! 65 लोगों की मौत, 246 संदिग्ध मामलों से बढ़ी दहशत; सीमावर्ती देशों में अलर्ट

केस-3: मुंहबोले पोते ने परिवार से मिलवाया

इंदौर में एक युवक ने 80 वर्षीय बुजुर्ग को उनके परिवार से मिलवाया। बुजुर्ग सुरेश सक्सेना परिवार से नाराज होकर रिश्तेदारों के पास चले गए थे लेकिन बाद में उन्हें वहां से भी निकाल दिया गया। इसके बाद वे भटकते हुए वृद्धाश्रम पहुंच गए। वृद्धाश्रम में एक युवक उनसे बेहद जुड़ गया। बातचीत के दौरान बुजुर्ग ने रायपुर का जिक्र किया। युवक ने अपने परिचितों की मदद से रायपुर में परिवार का पता लगाया और आखिरकार बुजुर्ग को परिवार से मिला दिया। बताया गया कि घर लौटने के बाद भी युवक पिछले आठ महीनों से लगातार उनसे संपर्क में है।

ये भी पढ़ें: महाराष्ट्र: धुले में कलयुगी बेटे का खौफनाक कदम, मां-बाप को पीट-पीटकर मार डाला

69 बुजुर्गों की हुई घर वापसी

  • इंदौर में 22 बुजुर्ग घर लौटे
  • भोपाल में 21 मामले सामने आए
  • जबलपुर में 17 बुजुर्ग परिवार से मिले
  • ग्वालियर में 9 लोगों की घर वापसी हुई

ये आंकड़े प्रदेश के अलग-अलग वृद्धाश्रमों से सामने आए मामलों पर आधारित हैं।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

Latest Posts