बेगमगंज: गड्ढे में मिला चरवाहे का शव, बेटे ने जताई हत्या की आशंका; पुलिस जांच में जुटी

रायसेन की बेगमगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम रहटवास में सड़क निर्माण के लिए की गई मुरम खुदाई से बने गहरे तालाबनुमा गड्ढे में 62 वर्षीय चरवाहे का शव मिलने से सनसनी फैल गई। ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क निर्माण के दौरान किनारे से मुरम खोदकर गहरे गड्ढे छोड़ दिए गए हैं, जो छोटे तालाब का रूप ले चुके हैं।
बेगमगंज: गड्ढे में मिला चरवाहे का शव, बेटे ने जताई हत्या की आशंका; पुलिस जांच में जुटी
बेगमगंज: गड्ढे में मिला चरवाहे का शव

बेगमगंज। मृतक की पहचान रामचरण अहिरवार के रूप में हुई है, जो गांव में पशुपालकों के मवेशी चराने का काम करता था। मृतक के पुत्र दिनेश अहिरवार ने पिता की हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। 

रामचरण रोजाना मवेशी चराने जाते थे 

रामचरण अहिरवार रोजाना की तरह मवेशी चराने गांव से बाहर गया था। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर पशुपालकों और परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। मवेशी तो मिल गए, लेकिन रामचरण का कहीं पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी की सूचना दी।

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गड्ढे में मिला चरवाहे का शव

मंगलवार सुबह कुछ ग्रामीणों को गांव के पास सड़क निर्माण के लिए खोदे गए गहरे तालाबनुमा गड्ढे में रामचरण का शव दिखाई दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीण गोताखोरों की मदद से शव को तालाबनुमा गड्ढे से बाहर निकाला गया। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया।

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बेटे ने लगाया हत्या का आरोप

हालांकि मामला महज डूबने से मौत का है या इसके पीछे कोई और वजह है, यह जांच का विषय बना हुआ है। मृतक के पुत्र दिनेश अहिरवार ने पिता की हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि रामचरण के सिर पर कुल्हाड़ी के घाव, जबकि गर्दन, छाती और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान दिखाई दिए हैं। पुलिस ने मृतक के पुत्र द्वारा लगाए गए आरोपों को भी जांच में शामिल कर लिया है।

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पुलिस जांच में जुटी 

ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क निर्माण के लिए की गई मुरम खुदाई से बने इन गहरे गड्ढों में हादसों का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक ऐसे गड्ढों से करीब पांच लोगों की मौत हो चुकी है। थाना प्रभारी राजीव उईके का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है पोस्टमार्टम रिपोर्ट और0 पुलिस जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। इन गड्ढों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इन्हें सुरक्षित तरीके से बंद क्यों नहीं किया गया और क्या प्रशासन असुरक्षित तरीके से छोड़े गए इन तालाबनुमा गड्ढों के जिम्मेदारों पर कार्रवाई करेगा।

Anand Sharma
By Anand Sharma

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