Aakash Waghmare
2 Feb 2026
Garima Vishwakarma
19 Jan 2026
देश में वोटर लिस्ट अपडेट हो रही है—और इसी मौके का फायदा उठाकर साइबर ठग एक नया और खतरनाक तरीका अपना रहे हैं। फोन, व्हाट्सऐप और SMS पर “SIR फॉर्म” के नाम से ऐसी ठगी चल रही है, जो इतनी असली लगती है कि लोग इसे सरकारी प्रक्रिया समझ बैठते हैं… और अपनी जानकारी खुद ही ठगों को दे देते हैं।
मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में इस नए प्रकार की धोखाधड़ी को लेकर एडवाइजरी जारी की है। SIR यानी Special Intensive Revision, चुनाव आयोग की वह असली प्रक्रिया है जिसमें वोटरों की जानकारी चेक की जाती है। लेकिन ठग इसी नाम का इस्तेमाल करके लोगों का भरोसा जीत लेते हैं और स्कैम शुरू हो जाता है।
यानी वोटर लिस्ट अपडेट का बहाना और पूरा बैंक अकाउंट साफ!
OTP मिलते ही ठग कर सकते हैं-
आपका नाम वोटर लिस्ट से हटना नहीं था, लेकिन बैंक बैलेंस ज़रूर हट जाता है।
ध्यान रखें- चुनाव आयोग कभी ये चीजें नहीं मांगता
चुनाव आयोग-
अगर कोई ऐसा कर रहा है- वो ठग है, अधिकारी नहीं।
ठग लोगों की नागरिक जिम्मेदारी और वोट देने के अधिकार को निशाना बना रहे हैं। इससे न सिर्फ आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि सिस्टम पर लोगों का भरोसा भी कमजोर पड़ता है।