नई दिल्ली। लंबे समय से अशांति और राजनीतिक अस्थिरता झेल रहे मणिपुर में एक बार फिर निर्वाचित सरकार के गठन की दिशा में हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू था, जिसकी अवधि अब समाप्ति के करीब है। इसी कड़ी में भाजपा विधायक युमनाम खेमचंद सिंह को मणिपुर भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया है। वे सिंगजामेई विधानसभा सीट से दो बार विधायक रह चुके हैं। नई सरकार में कुकी समुदाय की वरिष्ठ महिला नेता नेमचा किपगेन को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।
मणिपुर भाजपा विधायक दल के नेता के चयन को लेकर दिल्ली में अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में युमनाम खेमचंद सिंह के नाम पर सहमति बनी। यह बैठक ऐसे समय बुलाई गई जब राज्य में राष्ट्रपति शासन की अवधि समाप्त होने में कुछ ही दिन शेष हैं। पार्टी नेतृत्व ने राज्य में स्थिर और प्रभावी सरकार के गठन को प्राथमिकता बताते हुए यह निर्णय लिया।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी घटक दलों के विधायकों की बैठक मंगलवार रात प्रस्तावित है। इस बैठक में खेमचंद सिंह के नाम को एनडीए विधायक दल के नेता के तौर पर औपचारिक समर्थन मिलने की संभावना है। भाजपा की बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ और पूर्वोत्तर प्रभारी संबित पात्रा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिन्होंने विधायकों से विस्तार से चर्चा की।
गौरतलब है कि मणिपुर में कुकी और मैतेई समुदायों के बीच लंबे समय से जारी हिंसा के चलते बीरेन सिंह ने पिछले साल मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 13 फरवरी 2025 को राज्य में पहली बार छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया गया, जिसे अगस्त 2025 में बढ़ा दिया गया। यदि अब सरकार का गठन नहीं होता, तो केंद्र को संसद के बजट सत्र में राष्ट्रपति शासन बढ़ाने के लिए प्रस्ताव लाना पड़ता।