सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों को इंसानियत के बारे में सोच-सोच कर ठेस पहुंचाया है। वीडियो में एक मजदूर भारी बोझ उठाए सीढ़ियों से ऊपर चढ़ता नजर आ रहा है। पसीने से लथपथ शरीर, झुकी हुई कमर और चेहरे पर साफ झलकती थकान उसकी मुश्किल स्थिति को बयां कर रही है।
बताया जा रहा है कि यह मजदूर एक रिहायशी सोसायटी में काम के सिलसिले में पहुंचा था, जहां उसे लिफ्ट इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी गई। मजबूरी में उसे छठी मंजिल तक सीढ़ियां चढ़कर भारी वजन ढोना पड़ा।
वायरल वीडियो एक्स पर अभिषेक नाम के युवक ने शेयर किया है। जिसमें साफ देखा जा सकता है कि मजदूर के कंधों पर भारी सामान रखा हुआ है और वह एक-एक सीढ़ी चढ़ते हुए ऊपर जा रहा है। ऊपर जाते समय वे रास्ते में बार-बार रुककर सांस लेता मजदूर उस व्यवस्था की सच्चाई उजागर करता है, जहां मेहनत करने वालों को सबसे ज्यादा कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
इस वीडियो को देखने के बाद कई लोग भावुक हो गए, जबकि कई यूजर्स ने इसे शर्मनाक करार दिया। यूजर्स ने कमेंट करते हुए लिखा कि सोसायटी इंसीनियत भूल गई है और उस मजदूर के साथ जानवरों की तरह बर्ताव किया, वहीं अन्य यूजर का कहना है कि जब फ्लैट मालिक अपने सामान को इतनी उपर तक मंगवा सकता है तो वह एक मजदूर के लिए लड़ क्यों नहीं सकता
बताया जा रहा है कि मजदूर को छठी मंजिल तक सीढ़ियां चढ़कर भारी बोझ ढोना पड़ा, जबकि बिल्डिंग में लिफ्ट मौजूद थी, लेकिन उसे इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी गई। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर लोगों में गुस्सा और संवेदना दोनों देखने को मिल रही हैं, और मजदूरों के सम्मान व अधिकारों पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

यह पोस्ट वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। यूजर्स ने सोसायटी मैनेजमेंट और कुछ बुजुर्ग निवासियों पर सवाल उठाते हुए उनकी कड़ी आलोचना की। लोगों का कहना है कि लिफ्ट का सर्विस चार्ज और मेंटेनेंस इसी लिए दिया जाता है, ताकि जरूरत के समय उसका इस्तेमाल किया जा सके।
एक यूजर ने लिखा, “यह सरासर मजदूरों का शोषण है। छठी मंजिल तक भारी सामान चढ़ाना न सिर्फ बेहद मुश्किल है, बल्कि जानलेवा भी हो सकता है।” वहीं, कई अन्य लोगों ने इस पूरे मामले को रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) की तानाशाही करार दिया।