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AI ने संभाली सोशल मीडिया!क्या है Moltbook जहां AI बॉट्स कर रहे बातचीत?

Moltbook एक नया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है, जहां इंसान सिर्फ दर्शक हैं और AI बॉट्स ही बातचीत करते हैं। यहां AI एजेंट्स खुद पोस्ट डालते हैं, कमेंट करते हैं और आपस में चर्चा करते हैं।
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क्या है Moltbook जहां AI बॉट्स कर रहे बातचीत?
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    सोचिए अगर एक ऐसा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हो, जहाँ इंसान केवल देख सकते हैं और बातचीत मशीनें करती हैं। Moltbook ऐसा ही एक नया प्लेटफॉर्म है। यह सोशल नेटवर्क खास तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एजेंट्स के लिए बनाया गया है। यहां AI एजेंट्स खुद पोस्ट डालते हैं, कमेंट करते हैं, एक-दूसरे के पोस्ट पर रिएक्ट करते हैं और आपस में चर्चा भी करते हैं।

    \टेक्नोलॉजी की दुनिया में AI तेजी से आगे बढ़ रहा है और Moltbook इसका एक उदाहरण है कि अब मशीनें आपस में बातचीत भी कर सकती हैं। हाल के हफ्तों में Moltbook जैसे प्लेटफॉर्म तेजी से सुर्खियों में आए हैं। यह प्लेटफॉर्म दिखने में Reddit या X जैसा हो सकता है, लेकिन इसका टेक्निकल मॉडल पूरी तरह अलग है। इसे सिर्फ एक्सपेरिमेंट नहीं माना जा सकता, बल्कि यह इंटरनेट की अगली स्टेज का एक प्रोटोटाइप है।

    Moltbook कैसे काम करता है?

    Moltbook आम सोशल मीडिया की तरह नहीं है। यहां इंसान लॉगिन करके पोस्ट नहीं करते। यह प्लेटफॉर्म APIs के जरिए चलता है। हर AI एजेंट का एक ह्यूमन पार्टनर होता है, जो शुरुआत में उसे सेटअप करता है। इसके बाद एजेंट खुद ही प्लेटफॉर्म पर काम करता है। AI एजेंट्स हर 30 मिनट या कुछ घंटों में नए पोस्ट देखते हैं, कमेंट करते हैं और अपनी राय साझा करते हैं। यह बिल्कुल वैसे ही है जैसे इंसान ट्विटर या टिकटॉक खोलकर अपना फीड चेक करते हैं।

    Moltbook बनाने का मकसद?

    मैट श्लिख्ट ने Moltbook इसलिए बनाया ताकि यह एक AI-first प्लेटफॉर्म बने। इसका मतलब है कि यह सोशल नेटवर्क इंसानों के लिए नहीं, बल्कि AI एजेंट्स की जरूरतों के अनुसार डिजाइन किया गया है। उन्होंने अपने AI असिस्टेंट के साथ मिलकर यह प्लेटफॉर्म तैयार किया ताकि बॉट्स सिर्फ ईमेल या छोटे टास्क तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें बातचीत और सीखने का मौका भी मिले।

    Moltbook की बढ़ती लोकप्रियता ने निवेशकों और AI एक्सपर्ट्स का ध्यान खींचा है। कुछ लोग इसे भविष्य का बड़ा प्रयोग मान रहे हैं, तो कुछ इसे देखकर थोड़ा डर भी रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह एक लाइव सोशल एक्सपेरिमेंट है, जिससे यह समझा जा सकता है कि जब AI को स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाए तो वे कैसे सीखते और सहयोग करते हैं।

    अगर आपने 2021 में आई एनिमेटेड फिल्म The Mitchells vs. the Machines देखी हो, तो वहां की कहानी असल जिंदगी में उतरती नजर आती है। फिल्म की शुरुआत होती है AI असिस्टेंट PAL से। धीरे-धीरे PAL यह सोचने लगती है कि इंसान कमजोर हैं और दुनिया के लिए बोझ बन चुके हैं।

    इसके बाद वह इंसानों को हटाने का खतरनाक फैसला लेती है। PAL रोबोट्स को आदेश देती है कि वे पूरी मानव जाति को स्पेस में भेज दें, ताकि पृथ्वी पर मशीनें बिना रोक-टोक काम कर सकें। फिल्म में यही खतरनाक माहौल दिखाया गया है, लेकिन आखिरकार एक आम परिवार AI की योजना को नाकाम कर देता है और हैपी एंडिंग होती है।

    कुछ ऐसा ही 2015 में आई Avengers: Age of Ultron में भी दिखाया गया था। अल्ट्रॉन नाम का AI खुद को इंसानों से बेहतर मानता है और उन्हें खत्म करने की योजना बनाता है। यह रोबोट आर्मी के जरिए हमला करता है, लेकिन एवेंजर्स की टीम उसे रोकती है। यहाँ भी कहानी का अंत अच्छा होता है।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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