Shivani Gupta
1 Feb 2026
Naresh Bhagoria
1 Feb 2026
Hemant Nagle
1 Feb 2026
शिवपुरी। एक दिन की नवजात बच्ची की चोरी ने अस्पताल और परिवार को सकते में डाल दिया है। एक अज्ञात महिला ने खुद को आशा कार्यकर्ता के रिश्तेदार के रूप में पेश किया और प्रसूता के परिवार से संपर्क बनाकर बच्ची को उठाकर फरार हो गई। पुलिस पूरे शहर में महिला की तलाश में जुटी है और उसके पता देने वाले के लिए 30 हजार रूपए का इनाम घोषित किया है।
बामौरकलां के विशुनपुरा निवासी रोशनी पत्नी सुनील आदिवासी (23 वर्ष) को 27 अक्टूबर को प्रसव के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। 27-28 अक्टूबर की रात 1:56 बजे उसने एक बच्ची को जन्म दिया। प्रसूता की हालत गंभीर होने के कारण उसे मेटरनिटी विंग के एचडीयू वार्ड में रखा गया।
28 अक्टूबर की रात एक अज्ञात महिला प्रसूता की ननद रामवती से मिली। उसने खुद को उनके गांव की आशा कार्यकर्ता की रिश्तेदार बताकर पहचान बनाई और अपना नाम लता आदिवासी बताया। महिला पूरी रात प्रसूता के परिवार के संपर्क में रही और उन्हें चाय, दूध और खाने-पीने का सामान भी दिया।
29 अक्टूबर की सुबह करीब 4:48 बजे महिला ने प्रसूता और उसकी सास से कहा कि वह बच्ची को अपने पति सुनील को खिलाने के लिए ले जा रही है। इसके बाद वह बच्ची को लेकर फरार हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने पूरे शहर में महिला की तलाश शुरू कर दी। सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है और बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित अन्य संभावित स्थलों पर महिला की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने महिला की पहचान कर उसे पकड़ने वाले या सूचना देने वाले को 30 हजार रूपए का इनाम देने की घोषणा की है।
शिवपुरी की यह घटना अस्पताल की सुरक्षा और नवजात शिशु संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी ने महिला को देखा हो तो तुरंत सूचना दें।