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छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा गिरने का मामला : मूर्तिकार जयदीप आप्टे गिरफ्तार, कई दिनों से था फरार

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छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा गिरने का मामला : मूर्तिकार जयदीप आप्टे गिरफ्तार, कई दिनों से था फरार
मुंबई। महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग में शिवाजी महाराज की 35 फीट ऊंची प्रतिमा गिरने के मामले में मूर्तिकार-ठेकेदार जयदीप आप्टे (24 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया गया है। कल्याण पुलिस ने उसे बुधवार (4 सितंबर) देर रात गिरफ्तार किया। वह 26 अगस्त को मूर्ति गिरने के बाद से ही फरार चल रहा था। उसे पकड़ने के लिए पुलिस की 7 टीमें बनाई गई थीं। पुलिस ने मंगलवार (3 सितंबर) को उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया था। उसे कल्याण से गिरफ्तार किया गया, आप्टे को ठाणे से सिंधुदुर्ग ले जाया गया है, जहां उसे अदालत में पेश किया जाएगा।

आप्टे को नहीं थी बड़ी मूर्तियां बनाने का एक्सपीरियंस

पुलिस ने आप्टे और स्ट्रक्चरल कंसल्टेंट-ठेकेदार चेतन पाटिल के खिलाफ 26 अगस्त को मामला दर्ज किया था। कल्याण में आर्ट कंपनी के मालिक 24 साल के मूर्तिकार जयदीप आप्टे को बड़ी मूर्तियां बनाने का कोई एक्सपीरियंस नहीं है। आप्टे ने शिवाजी महाराज की प्रतिमा के पहले कभी भी इतनी बड़ी मूर्ति नहीं बनाई थी। वह 2 फीट तक ऊंची प्रतिमाएं ही बनाता था। लेकिन फिर भी कंपनी ने सिंधुदुर्ग के मालवण में राजकोट किले में शिवाजी महाराज की मूर्ति बनाने का काम किया, जिसका उद्घाटन पिछले साल दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। कोल्हापुर क्राइम ब्रांच और मालवण पुलिस ने पाटिल को 30 अगस्त को गिरफ्तार किया था। हालांकि, उसका दावा था कि, उसने मूर्ति के लिए केवल प्लेटफॉर्म का डिजाइन तैयार किया था। प्रतिमा निर्माण से उसका लेना-देना नहीं हैं।

आरोपा- 1.5 करोड़ में तैयार हुई थी प्रतिमा

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने शिवाजी महाराज की मूर्ति निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि, शिवाजी की मूर्ति के निर्माण के लिए राज्य के खजाने से 236 करोड़ रुपए लिए गए। लेकिन, इसके निर्माण पर मात्र 1.5 करोड़ रुपए ही खर्च किए गए। बाकी बचे 234 करोड़ कहां गए। इसकी जांच होनी चाहिए।

26 अगस्त को गिर गई शिवाजी की मूर्ति

छत्रपति शिवाजी महाराज की 35 फीट ऊंची प्रतिमा 26 अगस्त को अचानक गिर गई थी। पीएम मोदी ने 8 महीने पहले 4 दिसंबर को शिवाजी महाराज की मूर्ति का अनावरण किया था। शिवाजी महाराज की मूर्ति गिरने के बाद महाराष्ट्र में इसको लेकर सियासी बवाल छिड़ गया। सियासी बवाल के बाद सीएम शिंदे, डिप्टी सीएम अजित पवार के बाद पीएम मोदी ने भी माफी मांगी थी। तस्वीर दिसंबर 2023 की है, जब PM मोदी ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का उद्घाटन किया था।

6 फीट की जगह 35 फीट का स्टैच्यू बनाया

महाराष्ट्र डायरेक्टरेट ऑफ आर्ट के डायरेक्टर ने बताया कि उन्होंने सिर्फ 6 फीट ऊंची स्टैच्यू की परमिशन दी थी। इसके बाद नौसेना ने 35 फीट ऊंची और स्टील के प्लेट्स के इस्तेमाल से छत्रपति शिवाजी महाराज की स्टैच्यू स्थापित कर दी। इस बारे में तो कोई जानकारी ही नहीं दी गई थी। मंजूरी के लिए मिट्टी के पुतले का प्रारूप पेश किया गया था।

स्टेट PWD ने नौसेना को ट्रांसफर किए 2.44 करोड़ रुपए

नौसेना ने स्टैच्यू के लिए मूर्तिकार नियुक्त किए और स्टेट पीडब्ल्यूडी ने नौसेना को 2.44 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। नौसेना ने डिजाइन फाइनल करने के बाद कला निदेशालय को मंजूरी के लिए भेजा। लेकिन तब स्टैच्यू की डिटेल ऐसी बिल्कुल नहीं थी जैसा बाद में उसे स्थापित किया गया। डायरेक्टर मिश्रा ने कहा, अब स्टैच्यू के मिट्टी मॉडल की डिजाइन फाइनल होने की मंजूरी के बाद असली स्टैच्यू की भी मंजूरी लेनी चाहिए।

PM मोदी बोले- मैं सिर झुकाकर माफी मांगता हू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के तटीय सिंधुदुर्ग जिले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने को लेकर भारत के इस वीर सपूत के साथ ही, इस घटना से आहत लोगों से भी 30 अगस्त को माफी मांगी। महाराष्ट्र के पालघर जिले में 76,000 करोड़ रुपए की लागत वाली वधावन बंदरगाह परियोजना की आधारशिला रखने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज… मेरे लिए सिर्फ नाम नहीं हैं, हमारे लिए छत्रपति शिवाजी महाराज आराध्य देव हैं। पिछले दिनों सिंधुदुर्ग में जो हुआ, आज मैं सिर झुकाकर मेरे आराध्य देव छत्रपति शिवाजी महाराज जी के चरणों में मस्तक रखकर माफी मांगता हूं। पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘‘हमारे संस्कार अलग हैं। हम वह लोग नहीं हैं जो आए दिन भारत मां के महान सपूत, इसी धरती के लाल वीर सावरकर को अनाप-शनाप गालियां देते रहते हैं, अपमानित करते रहते हैं, देशभक्तों की भावनाओं को कुचलते हैं।” उन्होंने कहा कि वे लोग वीर सावरकर को गालियां देने के बाद भी माफी मांगने को तैयार नहीं हैं और ना ही उनको कोई पश्चाताप होता है। ये भी पढ़ें- MVA का ‘जूता मारो’ आंदोलन, शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने के खिलाफ महाविकास अघाड़ी का विरोध-प्रदर्शन; शिंदे बोले- इन्हें जूतों से पीटेगी जनता
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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