सीहोर केे मास्टर प्लान पर कांग्रेस का अल्टीमेटम! किसान-व्यापारियों के हितों से खिलवाड़ न हो, तत्काल बने 25 साल का विजन

सीहोर। राजधानी भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब सीहोर के भविष्य की योजना पर भी सियासी घमासान के संकेत मिलने लगे हैं। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव गुजराती ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर कहा है कि सीहोर में मास्टर प्लान तैयार करते समय भोपाल जैसी प्रशासनिक और व्यवहारिक चूक नहीं दोहराई जाए। उन्होंने किसान, व्यापारी और आम नागरिकों के हितों को प्राथमिकता देते हुए शहर के लिए दूरदर्शी, पारदर्शी और व्यावहारिक विकास योजना तैयार कर तत्काल लागू करने की मांग की है।
अव्यवस्थित ट्रैफिक, पार्किंग का संकट, खेल मैदान और गार्डन तक नहीं
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती ने सीहोर की मौजूदा व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर आज बेतरतीब यातायात की समस्या से जूझ रहा है। वैध और व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था आम नागरिकों के लिए सपना बनी हुई है। शहर में पर्याप्त व्यवस्थित गार्डन और खेल मैदानों की कमी भी विकास की हकीकत बयां करती है। ऐसे में यदि समय रहते ठोस योजना नहीं बनाई गई तो बढ़ती आबादी, व्यापारिक गतिविधियों और वाहनों के दबाव के बीच समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं।
किसानों की जमीन और व्यापारियों की आजीविका पर न पड़े मार
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में गुजराती ने कृषि भूमि के उपयोग में बदलाव यानी लैंड यूज चेंज से प्रभावित होने वाले किसानों की चिंताओं को गंभीरता से लेने की मांग की है। उनका कहना है कि विकास योजनाओं के नाम पर किसानों को असमंजस में नहीं छोड़ा जाना चाहिए। भूमि उपयोग में प्रस्तावित बदलाव स्पष्ट हों और प्रभावित लोगों की आपत्तियों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाए। उन्होंने छोटे कारोबारियों और पहले से संचालित वैध व्यापारिक प्रतिष्ठानों के हितों की सुरक्षा पर भी जोर दिया। मास्टर प्लान में व्यावसायिक क्षेत्रों का स्पष्ट निर्धारण होना चाहिए, ताकि व्यापारियों की आजीविका पर संकट न आए और शहर का आर्थिक विकास भी बाधित न हो।
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सड़क, जल निकासी और पर्यावरण पर भी हो ठोस तैयारी
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि मास्टर प्लान केवल नई कॉलोनियां बसाने और कंक्रीट के भवन खड़े करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने, पर्याप्त पार्किंग विकसित करने, जल निकासी और सीवेज की स्थायी व्यवस्था बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्रीन बेल्ट सुरक्षित रखने की ठोस योजना जरूरी है। भविष्य की जरूरतों का आकलन किए बिना बनाई गई योजना शहरवासियों के लिए नई परेशानियां खड़ी कर सकती है। जिला कांग्रेस कमेटी ने मांग की है कि अगले 20 से 25 वर्षों की आबादी, यातायात, आवास, कारोबार और बुनियादी सुविधाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर मास्टर प्लान तैयार किया जाए और उसे तत्काल लागू किया जाए।




















