वांगचुक ने उठाए शराब नीति पर सवाल! प्रशासन ने गिनाए आंकड़े, कहा- अफवाहों से बचें, पहले तथ्य जांचें

लेह। लद्दाख में शराब की बिक्री और बार खोलने को लेकर नया विवाद सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आरोप लगाया था कि क्षेत्र में शराब को बढ़ावा दिया जा रहा है और स्कूलों के पास भी बार खोले जा रहे हैं। प्रशासन के मुताबिक, नई आबकारी नीति को अगस्त में वापस ले लिया गया था। फिलहाल पुरानी नीति लागू है और पूरे लद्दाख में केवल एक शराब की दुकान संचालित है। प्रशासन ने लोगों से तथ्यों की जांच करने की अपील की है।
वांगचुक के आरोपों पर प्रशासन ने क्या कहा?
सोनम वांगचुक ने 22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित लद्दाख भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उपराज्यपाल पर मनमानी का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि लद्दाख में शराब की दुकानें और बार बढ़ाए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, कई जगहों पर स्थानीय लोगों के विरोध के बावजूद स्कूलों और रिहायशी इलाकों के पास बार खोलने की योजना बनाई गई। प्रशासन ने इन आरोपों को गलत और भ्रामक बताते हुए कहा कि सार्वजनिक बयान देने से पहले तथ्यों की पुष्टि जरूरी है।
नई आबकारी नीति क्यों वापस ली गई?
लद्दाख प्रशासन के अनुसार, आबकारी नीति 2026-27 को 1 जून 2026 को अधिसूचित किया गया था। हालांकि, स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों से सुझाव और आपत्तियां मिलने के बाद उपराज्यपाल ने 26 अगस्त को इसे वापस ले लिया। इस फैसले के साथ नई नीति के तहत वाइन शॉप खोलने का प्रस्ताव भी रद्द कर दिया गया। इसके लिए जारी नीलामी का नोटिस भी निरस्त कर दिया गया।
फिलहाल सिर्फ एक शराब की दुकान चालू
प्रशासन ने बताया कि 4 अप्रैल 2025 को अधिसूचित आबकारी नीति 2025-26 को दोबारा लागू किया गया है। इसके तहत लेह के वार्ड नंबर 4 और वार्ड नंबर 6 में दो दुकानों की अनुमति थी। 14 अक्टूबर 2026 को वार्ड नंबर 6 में नीलामी के बाद एक दुकान चालू हुई। वार्ड नंबर 4 में किसी ने बोली नहीं लगाई, इसलिए वहां दुकान नहीं खुल सकी। इसी वजह से पूरे लद्दाख में फिलहाल एक ही शराब की दुकान चल रही है।
50 प्रतिष्ठानों में परोसी जाती है शराब
प्रशासन के मुताबिक, लद्दाख में रेस्तरां के साथ शराब परोसने वाले 50 प्रतिष्ठान संचालित हैं। इनमें लेह के 38, नुब्रा के सात, जांस्कर के तीन और चांगथांग के दो प्रतिष्ठान शामिल हैं। इसके अलावा, लेह में दो बीयर बार भी चालू हैं। प्रशासन ने बताया कि लेह के नौ होटलों को शराब परोसने का लाइसेंस मिला है। नुब्रा के एक होटल को भी इस साल अनुमति दी गई है।
नियमों के तहत मिलते हैं लाइसेंस
प्रशासन ने साफ किया कि शराब परोसने के लाइसेंस तय नियमों के आधार पर जारी किए जाते हैं। राजमार्गों, धार्मिक स्थलों और स्कूलों से निर्धारित दूरी बनाए रखना जरूरी है। अधिकारियों ने कहा कि हर गली और स्कूल के पास बार खोले जाने के दावे सरकारी रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते। प्रशासन ने वांगचुक से अपील की कि वह किसी भी आरोप को सार्वजनिक करने से पहले आधिकारिक जानकारी की जांच करें।




















