भोपाल रेलवे स्टेशन के बाहर 700 Kg एनालॉग पनीर जब्त, कीमत 2.5 लाख रुपए; मुरैना से ट्रेन के जरिए पहुंचा था माल

दीपावली से पहले मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग (FSDA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे स्टेशन के बाहर से 700 किलो से ज्यादा एनालॉग पनीर जब्त किया है। जब्त किए गए पनीर की कीमत करीब 2.5 लाख रुपए बताई गई है। अधिकारियों के मुताबिक, यह माल ट्रेन के जरिए मुरैना से भोपाल लाया गया था। मंगलवार रात करीब 2 बजे शुरू हुई कार्रवाई के बाद अब विभागीय टीम यह पता लगाने में जुटी है कि पनीर की सप्लाई शहर के किस होटल, रेस्टोरेंट या डेयरी में की जानी थी। मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध के बाद इस तरह की पहली कार्रवाई बताए जाने से खाद्य सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
रेलवे स्टेशन के बाहर बड़ी कार्रवाई
दीपावली जैसे बड़े त्योहार से पहले खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। इसी बीच भोपाल में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने रेलवे स्टेशन के बाहर बड़ी मात्रा में एनालॉग पनीर पकड़ा है। मंगलवार रात करीब 2 बजे विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए 700 किलो से अधिक पनीर जब्त किया। जानकारी के मुताबिक, जब्त माल की कीमत लगभग 2.5 लाख रुपए है। अधिकारियों ने बिल्टी और बिल से संबंधित दस्तावेजों के आधार पर प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। इस कार्रवाई के बाद अब जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि इतनी बड़ी मात्रा में पनीर किसके लिए मंगाया गया था और इसे आगे कहां पहुंचाया जाना था।
मुरैना से ट्रेन के जरिए भोपाल पहुंचा था एनालॉग पनीर
FSDA में सामने आई जानकारी के अनुसार, पनीर को मुरैना से ट्रेन के जरिए भोपाल लाया गया था। रेलवे स्टेशन के बाहर इतनी बड़ी मात्रा में माल मिलने के बाद अधिकारी उसके परिवहन और सप्लाई से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। बिल्टी और बिल के आधार पर प्रकरण दर्ज किया गया है। अब टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस माल को किस व्यापारी ने मंगाया था और इसकी आपूर्ति कहां की जानी थी। जांच में यदि किसी होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी या अन्य कारोबारी की भूमिका सामने आती है, तो संबंधित नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, फिलहाल किसी खास प्रतिष्ठान का नाम सामने नहीं आया है।
आखिर क्या होता है एनालॉग पनीर?
एनालॉग पनीर ऐसा उत्पाद है जिसे पारंपरिक दूध से बने पनीर के विकल्प के रूप में तैयार किया जाता है। इसकी संरचना और सामग्री सामान्य पनीर से अलग हो सकती है। इसे बनाने में दूध की जगह या दूध के साथ वनस्पति वसा, स्टार्च और अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। कम लागत के कारण ऐसे उत्पाद खाद्य कारोबारियों के लिए आकर्षक हो सकते हैं। लेकिन उपभोक्ताओं के लिए यह जानना जरूरी है कि वे असली दूध से बना पनीर खरीद रहे हैं या किसी दूसरे प्रकार का पनीर जैसा उत्पाद।
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मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध
जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार ने करीब 3 महीने पहले पूरे राज्य में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाया था। भोपाल रेलवे स्टेशन के बाहर बड़ी मात्रा में इस उत्पाद का मिलना अब जांच का विषय है। खाद्य सुरक्षा विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि प्रतिबंध के बावजूद माल की ढुलाई किन परिस्थितियों में हुई। इसके लिए परिवहन दस्तावेजों, बिल्टी और बिल की जांच की जा रही है।
पनीर खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
दीपावली और दूसरे त्योहारों के दौरान मिठाइयों, पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थ खरीदते हुए सावधानी बरतनी चाहिए।
पनीर खरीदते समय इन बातों पर ध्यान दें-
- विश्वसनीय दुकान या विक्रेता से ही पनीर खरीदें।
- पैक्ड उत्पाद लेते समय लेबल, सामग्री और समाप्ति तिथि जांचें।
- उत्पाद पर निर्माता और आवश्यक खाद्य लाइसेंस से जुड़ी जानकारी देखें।
- बहुत कम कीमत पर मिलने वाले उत्पाद को खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता के बारे में जानकारी लें।
- पनीर की गंध, रंग या बनावट असामान्य लगे तो उसे खाने से बचें।
- किसी उत्पाद को लेकर संदेह होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग से शिकायत करें।
भोपाल में आगे क्या होगी कार्रवाई?
भोपाल रेलवे स्टेशन के बाहर से 700 किलो से अधिक एनालॉग पनीर जब्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच जारी है। अधिकारियों का लक्ष्य माल के स्रोत से लेकर उसकी प्रस्तावित सप्लाई तक की जानकारी जुटाना है।



















