सीहोर में 3 माह से श्रवण जांच मशीन खराब, दिव्यांग भोपाल जाने को मजबूर, कांग्रेस ने दी चेतावनी

सीहोर। जिले के दिव्यांगजनों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों के बीच जिला विकलांग पुनर्वास केंद्र की एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। यहां सुनने की क्षमता की जांच करने वाली मशीन कथित तौर पर पिछले तीन माह से खराब पड़ी है।
नतीजा यह है कि कानों की जांच कराने केंद्र पहुंचने वाले दिव्यांगजनों को परेशान होकर भोपाल जाना पड़ रहा है। इससे उनका समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं। मामले को लेकर जिला कांग्रेस प्रवक्ता पंकज शर्मा ने भाजपा सरकार और संबंधित व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मशीन तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है।
तीन माह से मशीन खराब, समाधान का इंतजार
शिकायतें मिलने के बाद जिला कांग्रेस प्रवक्ता पंकज शर्मा जिला विकलांग पुनर्वास केंद्र पहुंचे। उन्होंने यहां पदस्थ ऑडियोलॉजिस्ट नवल किशोर मालवीय से मुलाकात कर केंद्र की व्यवस्थाओं और दिव्यांगजनों को हो रही परेशानियों के संबंध में जानकारी ली।
चर्चा के दौरान उन्हें बताया गया कि श्रवण शक्ति की जांच करने वाली मशीन लगभग तीन माह से खराब है। मशीन को ठीक कराने के लिए भोपाल स्थित संबंधित अधिकारियों को पत्र भी भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
सरकारी सुस्ती की कीमत चुका रहे दिव्यांगजन
मशीन खराब होने से सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को उठानी पड़ रही है, जिन्हें सुनने की क्षमता की जांच कराने के लिए इस केंद्र पर निर्भर रहना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें भोपाल का रुख करना पड़ रहा है।
इससे आने-जाने का अतिरिक्त खर्च, समय की बर्बादी और अनावश्यक भागदौड़ बढ़ रही है। सवाल यह है कि जब समस्या की जानकारी संबंधित स्तर पर पहुंच चुकी थी, तो तीन माह में मशीन ठीक कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
दिव्यांगजनों के उत्थान का सिर्फ दिखावा
पंकज शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार दिव्यांगजनों के उत्थान और कल्याण की बातें तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। उन्होंने कहा कि गलती किसी भी अधिकारी या विभाग की हो, लेकिन उसका खामियाजा दिव्यांगजनों को भुगतना पड़ रहा है। सरकारी व्यवस्था की सुस्ती के कारण जरूरतमंद लोगों को अपनी जांच कराने के लिए दूसरे शहर जाना पड़ रहा है और अपनी जेब से अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ रहा है।
कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
पंकज शर्मा ने मांग की कि खराब मशीन को तत्काल ठीक कराया जाए और यदि वह दुरुस्त नहीं हो सकती, तो नई एवं आधुनिक मशीन की व्यवस्था की जाए। उन्होंने केंद्र की अन्य व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त करने की मांग उठाई। शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस पार्टी दिव्यांगजनों के हित में जमीन पर उतरकर संघर्ष करेगी।
उप संचालक ने दिया जल्द व्यवस्था सुधारने का भरोसा
मामले में उप संचालक महेश यादव ने बताया कि वह पिछले लगभग दो माह से प्रशिक्षण पर होने के कारण केंद्र नहीं आ रहे थे, इसलिए उन्हें इस समस्या की जानकारी नहीं थी। उन्होंने मशीन को शीघ्र ठीक कराने अथवा नई और आधुनिक मशीन की व्यवस्था कराने की बात कही।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारियों का यह आश्वासन कितनी जल्दी कार्रवाई में बदलता है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि श्रवण जांच जैसी जरूरी सुविधा के लिए दिव्यांगजनों को आखिर कब तक भोपाल के चक्कर लगाने पड़ेंगे?




















