घर में छिपा रखा था 11.5 किलो गांजा; आष्टा के 64 वर्षीय आरोपी को 8 साल की सजा, 10 हजार रुपए जुर्माना

सीहोर। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई में आष्टा पुलिस द्वारा पकड़े गए गांजा तस्करी के मामले में न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाया है। ग्राम भंवरा में अपने घर के पीछे कमरे में 11 किलो 500 ग्राम गांजा अवैध रूप से रखने वाले 64 वर्षीय आरोपी को विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस जिला सीहोर ने दोषी ठहराते हुए 8 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। मामले में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक सुश्री रेखा चौरसिया ने पैरवी की।
मुखबिर की सूचना पर पहुंची थी पुलिस
अभियोजन के अनुसार, 19 जून 2025 को आष्टा थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक रमेशचंद्र मांझी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम भंवरा निवासी बालमुकुंद के घर में अवैध मादक पदार्थ रखा हुआ है। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस टीम मुखबिर को साथ लेकर ग्राम भंवरा पहुंची। पुलिस ने गांव के चौकीदार बाबूलाल को भी साथ लिया और आरोपी के घर पहुंचकर दरवाजा खटखटाया।
घर के पीछे कमरे में मिली गांजे से भरी बोरी
पुलिस के पहुंचने पर बालमुकुंद ने दरवाजा खोला। पूछताछ के बाद पुलिस टीम ने घर की तलाशी लेने के लिए उसकी सहमति प्राप्त की। तलाशी के दौरान घर के पीछे बने कमरे में एक प्लास्टिक की बोरी रखी मिली। बोरी को खोलकर देखने पर उसमें गांजा जैसा मादक पदार्थ पाया गया। पुलिस ने बरामद सामग्री को विधिवत समरस कर तौल किया तो उसका वजन बोरी सहित 11 किलो 500 ग्राम पाया गया।
लाइसेंस नहीं मिला, पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस जांच में आरोपी के पास मादक पदार्थ रखने या उसका परिवहन करने संबंधी कोई वैध लाइसेंस या अनुमति नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने गांजे को विधिवत जब्त कर सीलबंद किया और आरोपी बालमुकुंद को गिरफ्तार कर लिया। थाने लौटने के बाद उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 305/25 के तहत धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया गया।
जांच पूरी कर न्यायालय में पेश हुआ चालान
पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ अभियोगपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से आरोपी के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्य और तर्क प्रस्तुत किए गए। न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों से सहमत होते हुए आरोपी को दोषी माना।
ये भी पढ़ें: सिवनी में युवती ने आत्महत्या: स्कूल परिसर में फंदे पर मिला शव, पुलिस जांच में जुटी
कोर्ट ने सुनाई 8 साल की सजा
विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) जिला सीहोर की अदालत ने बालमुकुंद पिता दरयाव सिंह, उम्र 64 वर्ष, निवासी भंवरा, थाना आष्टा को धारा 8(सी) सहपठित धारा 20(बी)(II)(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी पाया। न्यायालय ने उसे 8 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। इस मामले में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक सुश्री रेखा चौरसिया ने पैरवी की। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई गई।












