झील के बीच तैरता है राजस्थान का ये शाही महल! नाव से ही पहुंचते हैं मेहमान, जानें लेक पैलेस की कहानी

उदयपुर। अगर आपने राजस्थान के महल देखे हैं, तो उदयपुर का लेक पैलेस आपको कुछ अलग अनुभव देगा। पिछोला झील के बीच जग निवास द्वीप पर बना यह महल दूर से पानी पर तैरता हुआ नजर आता है। सफेद संगमरमर, शांत पानी और चारों तरफ अरावली की पहाड़ियां इसकी खूबसूरती बढ़ाती हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि यहां सड़क से सीधे नहीं पहुंचा जा सकता। मेहमानों को नाव से झील पार करके महल तक जाना पड़ता है। 1743 से 1746 के बीच बना यह स्थान कभी मेवाड़ राजपरिवार का ग्रीष्मकालीन ठिकाना था और अब एक प्रसिद्ध हेरिटेज होटल है।
पानी के बीच क्यों बनाया गया था ये महल?
लेक पैलेस को आज जग निवास के नाम से भी जाना जाता है। इसका निर्माण महाराणा जगत सिंह द्वितीय ने कराया था। ताज होटल के इतिहास विवरण के अनुसार, राजकुमार जगत सिंह को जग मंदिर में रहने की इच्छा थी, लेकिन उस समय की पारिवारिक व्यवस्था के कारण उन्हें वहां रहने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद जग निवास बनाने की योजना बनी और 4 मई 1743 को निर्माण शुरू हुआ। महल का उद्घाटन 1 फरवरी 1746 को हुआ।
सड़क नहीं, नाव से होती है एंट्री
इस महल की सबसे खास बात इसका पहुंचने का रास्ता है। लेक पैलेस पिछोला झील के बीच एक द्वीप पर स्थित है, इसलिए यहां आने-जाने के लिए नाव का इस्तेमाल किया जाता है। आज होटल के मेहमान निजी जेट्टी से नाव के जरिए महल तक पहुंचते हैं। होटल के अनुसार, सिटी पैलेस कॉम्प्लेक्स से शटल बोट की सुविधा भी उपलब्ध है।
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सफेद संगमरमर में छिपी शाही खूबसूरती
महल की वास्तुकला मेवाड़ शैली पर आधारित है, जिसमें मुगल प्रभाव की झलक भी दिखाई देती है। यहां संगमरमर के साथ गुंबद, छतरियां, बालकनी, बुर्ज और सजावटी हिस्से बनाए गए हैं। राजस्थान पर्यटन के अनुसार, इसकी दीवारों पर काले और सफेद संगमरमर के साथ अर्ध-कीमती पत्थरों का काम किया गया है। आंगन, फव्वारे, बगीचे और खंभों वाले बरामदे इसकी खूबसूरती को और बढ़ाते हैं।
एक खास जगह से आया था संगमरमर
इस महल के निर्माण में इस्तेमाल किया गया संगमरमर स्थानीय राजनगर क्षेत्र से लाया गया था, जो उदयपुर से करीब 66 किलोमीटर दूर है। उस दौर में इसे बैलगाड़ियों के जरिए उदयपुर तक पहुंचाया जाता था। यह जानकारी आज के समय में खास इसलिए लगती है क्योंकि इतने बड़े निर्माण के लिए सामग्री पहुंचाना उस दौर में आसान काम नहीं रहा होगा।
कभी राजपरिवार का समर पैलेस था
जग निवास लंबे समय तक मेवाड़ के राजपरिवार के लिए गर्मियों में आराम करने की जगह रहा। बाद में महाराणा भगवत सिंह मेवाड़ के समय इसे हेरिटेज होटल में बदला गया। 1963 में यह होटल के रूप में शुरू हुआ और 1971 में इसका प्रबंधन ताज समूह से जुड़ गया। इसके बाद यह जगह देश-विदेश के पर्यटकों के बीच और प्रसिद्ध होती गई।
फिल्म ने दुनिया में पहुंचाई पहचान
लेक पैलेस की खूबसूरती फिल्मों में भी दिखाई दे चुकी है। 1983 में जेम्स बॉन्ड फिल्म ‘Octopussy’ की शूटिंग यहां हुई थी। इसके बाद यह महल अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के बीच भी काफी चर्चित हुआ। ताज होटल के अनुसार, इसके अलावा कई हिंदी फिल्मों की शूटिंग भी यहां हुई है।
पिछोला झील से दिखता है शाही नजारा
पिछोला झील सिर्फ लेक पैलेस की वजह से खास नहीं है। झील में जग निवास के अलावा जग मंदिर भी स्थित है, जबकि इसके पूर्वी किनारे पर सिटी पैलेस है। सूर्यास्त के समय नाव की सवारी के दौरान इन इमारतों और आसपास की पहाड़ियों का प्रतिबिंब पानी में दिखाई देता है। राजस्थान पर्यटन भी सूर्यास्त के वक्त पिछोला में बोट राइड को खास अनुभव बताता है।
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ये रोचक तथ्य भी जानिए
एक दिलचस्प किस्सा 2005 का है। ताज के इतिहास विवरण के मुताबिक, एक अमेरिकी पर्यटक ने सुबह जल्दी कार मांगी थी क्योंकि उसे कुंभलगढ़ जाना था। रात में तेज बारिश हुई और सुबह होटल के चारों ओर पानी भर गया। होटल ने उसे बताया कि कार नहीं, बल्कि नाव उसे किनारे तक ले जाएगी। इस तरह झील के बीच स्थित महल का अनोखा अनुभव उस पर्यटक के लिए अचानक और भी वास्तविक हो गया। एक और खास बात लेक पैलेस का मुख्य हिस्सा पूर्व दिशा की ओर है। राजस्थान पर्यटन के अनुसार, इसकी योजना इस तरह रखी गई थी कि सुबह की धूप का आनंद लिया जा सके।




















