इटारसी के जिलवानी डंपिंग यार्ड में 1.72 करोड़ के 'कचरा घोटाले' पर NGT का हंटर, कलेक्टर और नपा परिषद को नोटिस
इटारसी। स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर इटारसी में भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इंसानी सेहत और पर्यावरण दोनों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिलवानी स्थित ठोस अपशिष्ट डंपिंग यार्ड में 1.72 करोड़ रुपये के कचरा निष्पादन के नाम पर कथित गड़बड़ी के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की सेंट्रल बेंच, भोपाल ने सख्त रुख अपनाया है। आरटीआई एक्टिविस्ट अमोल उपाध्याय की याचिका पर सुनवाई करते हुए ट्रिब्यूनल ने जिम्मेदारों को नोटिस जारी कर 4 हफ्ते के भीतर जवाब तलब किया है।
मशीन गायब, हवा में जहर और तड़पते बेजुबान
नगर पालिका परिषद इटारसी ने 20 दिसंबर 2023 को ग्वालियर की 'मेसर्स एसआर मैप टेक्नोलॉजीज' को जिलवानी साइट पर करीब 31,400 मीट्रिक टन पुराने कचरे के वैज्ञानिक निष्पादन (बायो-माइनिंग) के लिए 1,72,90,900 रुपये का ठेका सौंपा था। लेकिन कागजों के बाहर जो तस्वीर सामने आई, वह गंभीर सवाल खड़े करती है।
ट्रोमेल मशीन नहीं लगाने का आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया है कि कचरे के वैज्ञानिक तरीके से निपटारे के लिए जरूरी ट्रोमेल मशीन डंपिंग यार्ड में लगाई ही नहीं गई। इसके अलावा कचरा खुले में जलाए जाने का भी आरोप है। याचिका के मुताबिक, कचरा जलने से जहरीला धुआं निकल रहा है। इसमें डाइऑक्सिन और फ्यूरान जैसे जहरीले तत्व होने की बात कही गई है।
गंदा पानी जमीन में जाने का भी आरोप
याचिका में डंपिंग यार्ड से निकलने वाले गंदे पानी यानी लीचेट को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि इस पानी को बिना साफ किए सीधे जमीन और भूजल में जाने दिया जा रहा है। वहीं, खुले में पड़े कचरे को खाने से आवारा पशुओं की मौत होने का भी दावा याचिका में किया गया है।
NGT ने बनाई ज्वाइंट कमेटी
मामले की जांच के लिए NGT ने एक ज्वाइंट कमेटी बनाई है। इसमें नर्मदापुरम कलेक्टर, नगर पालिका के CMO और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि को शामिल किया गया है। कमेटी डंपिंग यार्ड का निरीक्षण करेगी और 6 हफ्ते में अपनी रिपोर्ट NGT को सौंपेगी। NGT ने डंपिंग यार्ड में कचरा जलाने और जहरीला पानी छोड़ने पर तुरंत रोक लगाने के निर्देश भी दिए हैं।
इन लोगों और विभागों को नोटिस
NGT ने नर्मदापुरम कलेक्टर, तत्कालीन CMO ऋतु मेहरा, नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चौरे, मीनाक्षी चौधरी, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव, इटारसी नगर पालिका स्वास्थ्य समिति के सभापति राकेश जाधव, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव और ठेकेदार कंपनी SR Map Technologies को नोटिस जारी किया है। मामले की सुनवाई NGT की बेंच में जस्टिस शिव कुमार सिंह और एक्सपर्ट मेंबर सुधीर कुमार चतुर्वेदी ने की।
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नपा अध्यक्ष बोले- अभी कोई घोटाला नहीं
इटारसी नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चौरे ने कहा कि उन्हें अभी NGT का नोटिस नहीं मिला है। नोटिस मिलने के बाद उसका जवाब दिया जाएगा। उन्होंने घोटाले के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि घोटाले जैसी कोई बात नहीं है, क्योंकि अब तक कंपनी को कोई भुगतान नहीं किया गया है। अब NGT की ज्वाइंट कमेटी की जांच और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद मामले की आगे की स्थिति सामने आएगी।






















