सतना में हाउसिंग बोर्ड की बड़ी कार्रवाई, 6 मकानों की लीज रद्द; 24 को व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने का नोटिस

सतना। सतना की भरहुत नगर कॉलोनी में आवासीय मकानों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर हाउसिंग बोर्ड ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। नियमों के उल्लंघन पर बोर्ड ने 6 मकानों की लीज रद्द कर दी है, जबकि 24 भवन मालिकों को व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के नोटिस दिए गए हैं। करीब 50 एकड़ में फैली इस कॉलोनी में 858 आवासीय मकान हैं, जिनमें कई जगह स्कूल, शोरूम, रेस्टोरेंट, क्लीनिक और नर्सिंग होम चल रहे हैं।
6 मकानों की लीज रद्द, 24 को नोटिस
हाउसिंग बोर्ड के अनुसार, कुछ आवासीय मकानों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। नोटिस दिए जाने के बाद भी गतिविधियां बंद नहीं की गईं। इसके बाद 6 मकानों की लीज निरस्त कर दी गई। वहीं, 24 अन्य भवन मालिकों को व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। बोर्ड ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन जारी रहने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल, शोरूम और क्लीनिक चलने का दावा
भरहुत नगर करीब 50 एकड़ क्षेत्र में फैली कॉलोनी है। यहां 858 आवासीय मकानों में से कई जगहों पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आई है। इनमें स्कूल, शोरूम, रेस्टोरेंट, क्लीनिक और नर्सिंग होम शामिल हैं।
कार्रवाई के विरोध में व्यापारी और रहवासी
हाउसिंग बोर्ड की कार्रवाई के बाद प्रभावित व्यापारी और रहवासी इसके विरोध में एकजुट हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलोनी करीब 40 साल पुरानी है और नगर निगम लंबे समय से यहां व्यावसायिक गतिविधियों पर कमर्शियल टैक्स और लाइसेंस शुल्क ले रहा है। लोगों का दावा है कि कार्रवाई से करीब 10 हजार लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है।
विधायक ने भी कार्रवाई का विरोध किया
स्थानीय विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने भी हाउसिंग बोर्ड की कार्रवाई को अनुचित बताया है। उनका कहना है कि अचानक दुकानें बंद होने से कई परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
हाउसिंग बोर्ड का क्या कहना है?
हाउसिंग बोर्ड के संपदा अधिकारी मनोज द्विवेदी के मुताबिक, कॉलोनी के आवासीय मकानों के मूल स्वरूप में बदलाव कर व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित किए जा रहे हैं। नोटिस देने के बाद भी गतिविधियां बंद नहीं की गईं, जिसके चलते 6 मकानों की लीज निरस्त की गई है। उन्होंने कहा कि नियमों के विरुद्ध उपयोग करने वाले अन्य भवनों पर भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।




















