Aakash Waghmare
17 Jan 2026
भारत में हर साल 12 नवंबर को राष्ट्रीय पक्षी दिवस (National Bird Day) मनाया जाता है। यह तिथि कोई सामान्य दिन नहीं है। बल्कि यह उस महान पक्षी विज्ञानी और प्रकृतिवादी डॉ. सालिम मोइजुद्दीन अब्दुल अली (Dr. Salim Moizuddin Abdul Ali) का जन्मदिन है। जिन्हें प्यार से बर्डमैन ऑफ इंडिया (Birdman of India) कहा जाता है।
बता दें कि, डॉ. सालिम अली (जन्म 12 नवंबर 1896) देश के पहले ऐसे वैज्ञानिक थे जिन्होंने पूरे भारत में व्यवस्थित रूप से पक्षियों का सर्वेक्षण किया। उन्होंने अपनी दूरबीन के माध्यम से पक्षियों के जीवन, प्रवास, आदतों और उनके आवासों का गहन अध्ययन किया और इस ज्ञान को आम जनता तक पहुंचाया।

राष्ट्रीय पक्षी दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य केवल डॉ. सालिम अली को याद करना नहीं है। बल्कि देश की समृद्ध पक्षी विविधता और उनके संरक्षण के महत्व पर ध्यान केंद्रित करना भी है।
आज जब जलवायु परिवर्तन, शहरीकरण और प्रदूषण के कारण पक्षियों के प्राकृतिक आवास सिकुड़ रहे हैं। यह दिन हमें याद दिलाता है कि पक्षी हमारे पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वे परागण (Pollination), बीज वितरण और कीट नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। 12 नवंबर का यह दिन हमें पक्षियों और उनके आवासों की रक्षा करने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित करता है, ताकि उनकी मधुर चहचहाहट हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बनी रहे।

भारत सरकार ने पक्षियों के संरक्षण और उनके प्रति जागरूकता बढ़ाने में डॉ. सालिम अली के अमूल्य योगदान को सम्मान देने के लिए उनके जन्मदिन को इस विशेष दिवस के रूप में नामित किया है। उनकी लिखी पुस्तकें, विशेष रूप से द बुक ऑफ इंडियन बर्ड्स (The Book of Indian Birds) और 'हैंडबुक ऑफ द बर्ड्स ऑफ इंडिया एंड पाकिस्तान' भारतीय पक्षी विज्ञान के लिए आधारशिला बनीं। इसलिए उन्हें बर्डमैन ऑफ इंडिया (Birdman of India) कहा जाता है।
